Friday, February 26, 2010

आओ तुमको गले लगा लें - सतीश सक्सेना

इस उत्सव में ,रंगों में डूब कर वसंत का स्वागत करते हैं हम लोग ! पूरा परिवार ही रंगों में सराबोर होकर कुछ समय के लिए जैसे मस्ती में डूब जाता है  ! इस ख़ूबसूरत मौके पर लगभग हर इंसान का, दुश्मनों से भी गले मिलने की इच्छा पैदा हो जाती है ! एक बार अपने अन्दर झांक कर देखो ,दिल टटोल कर देखो एक आवाज आती है ...


भूले -भटके उन  अपनों  के , 
कैसे  दरवाजे ,   खुलवाएं ?
मन में रंजिश पाल के बैठे 
कैसे अब उनको समझाएं ?
इस होली पर क्यों न सुलगते 
दिल के, ये अंगार बुझा दें !
बचपन के दिन याद करें,और आयें हंसकर गले लगा लें !

बरसों मन में गुस्सा बोई 
ईर्ष्या के पौधे उग आये !
रोते  गाते , हम दोनों ने 
घर बबूल के वृक्ष उगाये 
इस होली पर क्यों न साथियो 
आओ रंग गुलाल लगा लें !
भूलें उन कडवी बातों को , अपना भी घर -बार सजा लें !

बरसों बीते  तांडव  करते  ,
कितनी रात जागते काटी
भूल गए साँसे गिनती  की ,
सारी उम्र गुजरती जाती ! 
क्यों न नयी उम्मीदें लेकर,
फिर से घर को स्वर्ग बनालें !इस होली पर  रंग विरंगे,मिलकर वन्दनवार  लगा लें !

कितने  वर्षों से , शीशे  के ,
सम्मुख आकर मुग्ध हुए हैं 
कितनी बार मस्त होकर के
अपने यश पर मस्त हुए हैं ! 
इस होली पर नशा भुलाके,
इन चरणों में शीश झुकालें !
प्यार और मस्ती  में  डूबें, दिल से  अहंकार  जला दें  !

17 comments:

  1. इस होली पर क्यों न सुलगते दिल के ये अंगार बुझा दें !
    कदम बढा कर दिल से बोलें, आओ तुमको गले लगा लें !
    बहुत सुंदर ओर भाव पुर्ण रचना
    सतीश जी धन्यवाद

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  2. क्यों न नयी उम्मीदें लेकर,फिर से घर को स्वर्ग बनालें !
    इस होली पर रंग विरंगे , आओ वन्दनवार लगा लें !

    -बहुत उम्दा विचार..यह पर्व है ही इसीलिए..आओ सार्थक बनायें.

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  3. होली के अवसर पर अच्छी प्रेरणात्मक रचना।

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  4. इस होली पर नशा छोड़ कर, गुरु चरणों में शीश झुकालें !
    प्यार और मस्ती में डूबें , आओ अहंकार जला दें !

    बहुत प्रेरक और सुंदर पोस्ट, होली की शुभकामनाएं.

    रामराम.

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  5. प्रेरणादायक रचना .. आपको होली की शुभकामनाएं !!

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  6. बरसों बीते तांडव करते ,
    कितनी रात जागते काटी
    भूल गए साँसे गिनती की ,
    दुनिया भर को सबक सिखाते
    क्यों न नयी उम्मीदें लेकर,फिर से घर को स्वर्ग बनालें !
    इस होली पर रंग विरंगे , आओ वन्दनवार लगा लें !

    प्रेरक और सुंदर पोस्ट.....


    आपko होली की शुभकामनाएं.....

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  7. इस होली पर नशा छोड़ कर, गुरु चरणों में शीश झुकालें !
    प्यार और मस्ती में डूबें , आओ अहंकार जला दें !
    होली पर सुन्दर प्रेरक रचना के लिये बधाई धन्यवाद होली की बहुत बहुत मुबारक

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  8. Bahut sundar khayalat!
    Holi mubarak ho!

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  9. बेहद सुंदर रचना । होली पर प्रेम-भावों के रंगों में डूबी आपकी कविता बहुत भाई ।

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  10. जिन लोगों ने जाने कब से ,
    मन में रंजिश पाल रखी है
    इस होली पर क्यों न सुलगते दिल के ये अंगार बुझा दें !
    कदम बढा कर दिल से बोलें, आओ तुमको गले लगा लें !

    बहुत उम्दा
    होली की ढेर सारी शुभकामनाएं

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  11. बरसों मन में गुस्सा बोई
    इर्ष्या ने ,फैलाये बाजू ,
    रोते गाते , हम दोनों ने
    घर बबूल के वृक्ष उगाये
    इस होली पर क्यों न साथियो आओ रंग गुलाल लगा लें !
    भूलें उन कडवी बातों को , आओ हम घर -बार सजा लें !
    Bahut sunder sandesh de rahee hai aapkee ye rachana........
    Aapko bhee holi kee shubhkamnae..........

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  12. सतीश जी होली मुबारक हो ......!!

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  13. बहुत ही बेहतरीन , आपको होली की बहुत-बहुत बधाई ।

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  14. !! रंग बिरंगी होली की रंगारंग शुभकामनाएँ !!

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  15. आपको और आपके परिवार को होली पर्व की हार्दिक बधाइयाँ एवं शुभकामनायें!

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- सतीश सक्सेना

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