Monday, November 15, 2010

कुछ अनकही बातें दिल्ली ब्लागर सम्मलेन की -सतीश सक्सेना

-प्रभावशाली समीर लाल जी के बहुआयामी सरल व्यक्तित्व से मिलकर ब्लागिंग करना सार्थक महसूस हुआ  ! समीर लाल  जी को मैंने उनके द्वारा, शुरुआत के दिनों में, लगातार प्रोत्साहित करने  के प्रति अपनी कृतज्ञता अर्पित की ! 
-समीर लाल जी द्वारा मुझे धन्यवाद देने पर, मैंने कहा कि अगर वे मेरी कुछ मदद करना चाहते हैं तो कृपया एक बार ताऊ से अवश्य मिलवा दें ! पूरे ब्लाग जगत को हंसते हँसते बेवकूफ बना कर, अपने प्रोडक्ट बेचने  वाली इस शख्शियत से अवश्य मिलना चाहता हूँ कि यह चीज क्या है !जिस पर उन्होंने ताऊ को पटा कर, मुझे मिलाने के लिए अपनी कोशिश करने का भरोसा दिलाया !
- पूरे समय के दौरान स्मार्ट और विनम्र अजय झा शांत भाव से फोटोग्राफी में व्यस्त रहे !
- सरल स्वभाव एम्  वर्मा जी सदा की तरह सबको अपना परिचय देते हुए कैमरे का सदुपयोग करते रहे ! 
- शांत और गंभीर पद्मसिंह ने मुझे इंदु माँ के निमंत्रण याद दिलाया , और साथ ही मेरे प्रति अनुराग भी  तब मुझे लगा कि मैं इन दोनों के समक्ष कितना छोटा हूँ ...इंदु पुरी के प्यारे व्यक्तित्व से घबराए ,भाई पद्मसिंह को मनाने  में थोडा समय लगा कि वे इन्दु मां  के निमंत्रण के सम्बन्ध में मुझे बचाने के साथ साथ, मेरी मदद भी करें ! इस ममतामयी के स्नेह से से हम दोनों का डर स्वाभाविक ही है  !
-बिना पगड़ी रतन सिंह शेखावत को पहचानने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता ...मगर अपनी गंभीरता और राजस्थानी भाषा से वे अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में सफल थे !
- दीपक बाबा अपनी पूरी मस्ती के साथ मौजूद थे उन्हें देख मुझे संजय ( मो सम कौन )की कमी खलती रही  !
- मैंने राजीव और संजू तनेजा  जैसे दम्पति नहीं देखे जो कि इस प्रकार के आयोजन में सदाबहार मुस्कान के साथ बढचढ कर हिस्सा लेते रहे हैं ! वे हमेशा ऐसी महफ़िलों कि रौनक रहे हैं !  
मुझे लगता है कि ब्लागर मिलन के जरिये, आपस में एक दूसरे विचारों के प्रति बेहतरीन समन्वय संभव हो सकता है ! अतः कोई भी बहाना क्यों न हो इस प्रकार के आयोजन होने ही चाहिए और मैं इसके लिए अविनाश वाचस्पति और उनके हाथ में एक रहस्यमय थैले के प्रति आभारी हूँ !
     


44 comments:

  1. यह सम्मलेन कब हुआ? मुझे तो खबर ही नहीं लगी..
    अगली बार जब भी हो तो बताएं.. हम भी यहीं के निवासी हैं फिलहाल..

    आभार

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  2. चलिए अब ब्‍लाग जगत आभासी दुनिया से निकलकर वास्‍तविक दुनिया में आ गया है। बधाई।

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  3. और लोगों से भी तो मिले उन पर भी तफसरा पेश किया जाय !

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  4. इस सम्मेलन में उपस्थित ना रहने का अफसोस रहेगा जी
    हो सकता है ताऊ जी भी आपसे मिलने को बेकरार हों
    आशा है 21को ताऊजी सबको खुश कर देंगें

    प्रणाम

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  5. ताऊ से मिलने की मेरी भी इच्छा है .. मिलते ही उनका पता प्रेषित कर दें.
    धन्यवाद

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  6. इस जीवंत रिपोर्टिंग के लिए बधाई एवं हम तक जानकारी पहुंचाने के लिए आभार।

    ---------
    जानिए गायब होने का सूत्र।
    ….ये है तस्‍लीम की 100वीं पहेली।

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  7. अनकही से परिचित हो गए।

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  8. आपसे मिलकर हमें भी बहुत अच्छा लगा...
    ऐसे आयोजन लगातार होते रहने चाहिए ...
    आज मेरठ से दिल्ली तक के सफर में आपको और अधिक जानने का मौक़ा मिला

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  9. बेहद अच्छी रही ये छोटी सी रिपोर्ट :)
    अजय भईया तो फोटोग्राफी में व्यस्त थे ये तो उनके फेसबुक एल्बम से ही पता चल रहा था :)
    हम भी वहां रहते काश :)

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  10. एक बेहद सफल ब्लॉगिंग समारोह था जिसमें सभी बड़े और नामचीन ब्लॉगर्स उपस्थित थे सबसे बड़ी बात यह भी थी की सभी श्रेष्ट ब्लॉगर्स ही नही बल्कि एक नेक दिल इंसान भी है..बहुत ही अच्छा लगा आप सब से मिलकर...

    समीर जी के बारे में जितना कुछ सुना था उससे कहीं कुछ बढ़ कर निकले वो...उनके साथ गेस्टहाउस तक की वार्तालाप नें हमें बहुत कुछ सिखाया.....एक महान और प्रेरणादायक शक्स....

    बहुत ही सफल रही यह ब्लॉगर्स सम्मेलन इसके लिए बालेंदु जी एवं अविनाश जी का बहुत बहुत आभार..साथ ही साथ उपस्थित सभी ब्लॉगर्स को भी धन्यवाद..

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  11. एक और विस्तृत विवरण के लिए आभार.
    सच ऐसे सम्मलेन होते ही रहने चाहिए.
    - विजय तिवारी ' किसलय'

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  12. यह मेरा दुर्भाग्य रहा कि आमंत्रण के उपरांत भी शहर में न होने के कारण इस समारोह में उपस्थिति दर्ज कराने से वंचित रह गया..

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  13. ग्रेट !
    हम यह वृताँत पूरी दिलचस्पी से पढ़े और आनन्दित हो लिये,
    क्योंकि मेरे सम्मुख यही एक विकल्प है । सबकुछ सिम्पली ग्रेट है, जी !
    आभार आपका ।

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  14. अविवादित ब्लॉगर सम्मलेन के अनसुने लम्हों के लिए आभार !

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  15. .

    ग्रेट !
    हम यह वृताँत पूरी दिलचस्पी से पढ़े और आनन्दित हो लिये,
    क्योंकि मेरे सम्मुख यही एक विकल्प है । सबकुछ सिम्पली ग्रेट है, जी !
    आभार आपका ।


    Kindly consider the above comment as mine also.

    .

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  16. भगवान करे, यह माहौल बना रहे।

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  17. @ डॉ अमर कुमार एवं जील,
    और विकल्प न खुलें और आप लोगों का कम से कम इतना स्नेह बना रहे, तो अच्छा लगेगा ! :-)
    हार्दिक आभार !

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  18. बहुत बढिया सर अच्छी रिपोर्ट है ।

    सर ऐसे सम्मेलनों में मुझे अपने कैमरे की आंखें और अपने कान खुले रखने ही पडते हैं

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  19. This comment has been removed by the author.

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  20. This comment has been removed by the author.

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  21. सतीश भाई ,
    रिपोर्टिंग में आपकी विनम्रता की खुश्बू महसूस कर रहा हूं ! सभी ब्लागर्स के बारे कितना बेहतर कह जाते हैं आप ! ईश्वर आप पर आशीष बनाये रखे !

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  22. आप पर इतना प्रसन्न हुआ कि एक ही कमेंट तीन बार क्लिक कर डाला ! खैर दो तो डिलीट किये पर एक और स्वीकारिये :)

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  23. सक्सेना साहब,
    आभार कि आपने याद किया। नौकरी और व्यक्तिगत व्यस्तताओं के चलते ये शानदार मौका मैंने मिस किया। आजतक किसी ब्लॉगर से रूबरू नहीं हुआ, और यहाँ एक साथ ऐसी ऐसी हस्तियाँ उपस्थित थीं। बस थोड़ा समय और, फ़िर तो आप कहोगे कि यार, यहाँ भी आ गये:)

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  24. काश मैं भी आप लोगों के दर्शन लाभ ले पाता......................शानदार प्रोग्राम की जानदार प्रस्तुति! धन्यवाद !

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  25. मिश्राजी अगर "तफसरा" का मतलब समझा दे तो हमारे ज्ञान में वृद्धि हो जाये................................खोजने पर भी पता नहीं चल पाया है..............इसके दो निकटवर्ती शब्द जरूर मिले है, शायद यह उन्ही के समकक्ष हो---------
    १. तफ़सीर ----- किसी क्लिष्ट गहन या दुरूह पद या वाक्य का सरल शब्दों में किया हुआ विवेचन या स्पष्टीकरण ।
    २. तफसील----- विस्तृत वर्णन। २. कैफियत। विवरण। ३. कठिन पदों, वाक्यों आदि की टीका या स्पष्टीकरण। ४. ब्योरेवार बनाई हुई तालिका। सूची।

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  26. @ अमित शर्मा,
    यह शाही शब्दों में शाही आदेश है और शहंशाह के शब्दों से आम लोगों को गलतियाँ नहीं ढूंढना चाहिए .सो मैं यह गुस्ताखी नहीं कर सकता हालाँकि यह शाही आदेश मैं मानने वाला नहीं :-)

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  27. इस प्रकार के आयोजन से जान पहचान बढ़ती है | और वो जान पहचान परेशानी मुसीबत के समय काम आती है| इस प्रकार के आयोजन हिन्दी बलोगिंग को एक नयी दिशा भी प्रदान करते है|

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  28. मेरे पास ब्लाग रजिस्ट्रेशन में मदद करने के उद्देश्य से श्री आशीषजी खंडेलवाल के मेल आ रहे थे । उनके एक लेख में ताऊ के जीवन्त योगदान की चर्चा देखकर व उनके इन्दौर निवासी होने की जानकारी देखकर मैंने भी श्री ताऊ से मिलने की इच्छा व्यक्त कर दी । बस, नतीजतन फिर श्री आशीषजी खंडेलवाल के मेल मिलना भी मुझे बन्द हो गये । तो ऐसी रहस्यमयी है श्री ताऊ की शख्सियत । मेरी ओर से भी ऐसे सभी दिग्गजों को शत-शत नमन...

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  29. ऐसे आयोजन होते रहें इसी माहोल के साथ यही दुआ है .आभार आपका .

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  30. सतीश जी, आज फिर फुर्सत से पढा, तो आपको बधाई दिये रह न सका।

    ---------
    गायब होने का सूत्र।
    क्‍या आप सच्‍चे देशभक्‍त हैं?

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  31. सतीश सर,

    कई लोगों ने रिपोर्ट प्रस्तुत की... पर आपकी अदा निराली दिखाई दे रही है.....

    बहुत बढिया...

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  32. मुझे लगता है कि ब्लागर मिलन के जरिये, आपस में एक दूसरे विचारों के प्रति बेहतरीन समन्वय संभव हो सकता है ! अतः कोई भी बहाना क्यों न हो इस प्रकार के आयोजन होने ही चाहिए.

    सहमत

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  33. बहुत अच्छा लगा सब जानकर..... उम्दा प्रस्तुतीकरण

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  34. बहुत बढिया सर अच्छी रिपोर्ट है ।

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  35. सतीश जी पहले तो आपको बधाई इस सम्मेलन में शरीक होने का स्वर्णिम अवसर आपको मिला । हमें इसके बारे में कोई जानकारी नही थी । अगर हम जैसे नये लोगों को भी कभी अवसर दें तो हमारा भी कुछ ज्ञान बढ जाये

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  36. इस मुलाकात की रिपोर्ट पढ़कर अच्छा लगा.

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  37. सुंदर चित्र....ताऊ में मिलाने का वादा..! थैली...!
    ..शानदार पोस्ट।

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  38. thanks sateesh jee
    my contact address is

    Aprna Tripathi
    101 LIG Barra-2
    kanpur-208027
    and email id is
    aprnatripathi@gmail.com

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  39. बहुत अच्छा लगा इस सम्मेलन की जानकारी प्राप्त कर ।

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  40. Kash main bhi ismein sharik ho pata.Apvastav mein khusnaseeb hain.

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एक निवेदन !
आपके दिए गए कमेंट्स बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं, कई बार पोस्ट से बेहतर जागरूक पाठकों के कमेंट्स लगते हैं,प्रतिक्रिया देते समय कृपया ध्यान रखें कि जो आप लिख रहे हैं, उसमें बेहद शक्ति होती है,लोग अपनी अपनी श्रद्धा अनुसार पढेंगे, और तदनुसार आचरण भी कर सकते हैं , अतः आवश्यकता है कि आप नाज़ुक विषयों पर, प्रतिक्रिया देते समय, लेखन को पढ़ अवश्य लें और आपकी प्रतिक्रिया समाज व देश के लिए ईमानदार हो, यही आशा है !


- सतीश सक्सेना

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