पुत्री सबसे अधिक अपने परिवार से जुडी होती है ! कुछ समय बाद अपने घर से दूर हो जाने का भय उसे अपने परिवार के प्रति और भी भावुक बना देता है ! अनजाने में सबसे अधिक अन्याय इसी के साथ किया जाता है, अपने घर में भी और नए घर में भी ! अफ़सोस है कि उसकी माँ भी उसे यह अहसास दिलाने में आगे रहती है कि यह घर उसके भाई का है जबकि अधिकतर लड़कियां अपने भाई के लिए कुछ भी देने के लिए तैयार रहती हैं ! अगर भावनात्मक तौर पर ही भाई और माँ उसे स्नेह का विश्वास दिला दें तो शायद ही कोई लड़की अपने भाई से कोई शिकायत रख सके !
हर भाई को अपनी बहिन से स्नेह चाहिए मगर हर बार हम भूल जाते हैं कि परिवार वृक्ष की यह सबसे सुन्दर टहनी ही सबसे कमजोर होती है और वह जीवन भर अपने पिता और भाई से प्यार की आशा लगाए रहती है ! और हम ...??
आइये, पूंछे अपने दिल से !
( यह लेख दैनिक जागरण में दैनिक जागरण में ७ जुलाई २०११ को छपा है )



