अनु उनका सपना था , जब वह अनु के साथ चलती थी तब चेहरे पर शानदार चमक रहती थी रोज अपनी बहू को बैंक पंहुचाना और लाना नियमित था, लगता था जैसे वे सबसे खुशकिस्मत माँ हैं, अनु के कारण वे बहुत उत्साहित थी लगता था जीवन का एक सहारा मिल गया था !http://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/Reacting-to-car-crash-cops-start-putting-traffic-in-order/articleshow/15286169.cms
http://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/Noida-car-accident-Cops-await-drivers-release-from-hospital/articleshow/15284904.cms
http://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/Noida-car-crash-The-couple-had-married-only-last-year/articleshow/15263286.cms
http://timesofindia.indiatimes.com/topic/Anupriya-Nagarajan/quotes
http://indiatoday.intoday.in/story/car-collision-in-noida-kills-pregnant-woman/1/210920.html
http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2012-08-06/noida/33064238_1_noida-cops-raju-lnjpn






मन रो दिया..हे भगवान..
ReplyDeleteभाई जी ......!
ReplyDeleteक्या कहूँ ...कैसे कहूँ
इस दुःख की घड़ी में ... हम सब आप के
दुःख में शामिल हैं .....
जाने वाले की आत्मा को शांति मिले और
हम सब को सहने की शक्ति !
भगवान अनुप्रिया जी की आत्मा को शाँति और उन के अपनों को ऐसा दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करे
ReplyDeleteरमता जोगी बहता पानी .जीवन है बस आनी जानी
ReplyDeleteDUKH MEN SHAMIL
इतना दर्द क्यों मिलता है हमें.. इस दुख को सहने की शक्ति दे भगवान ।
ReplyDeleteओह ..दुखद ..
ReplyDeleteजाने ये पोस्ट क्यूँ पढ़ी मैंने....
ReplyDeleteअभी अभी मैंने भी अपना एक बहुत करीबी पूरा परिवार खोया है...कार क्रेश में ही.
नाराज़ हूँ भगवान से...
सादर
अनु
अत्यंत दुखद. जिसने ऐेसी दुनिया बनाई है वही दुख सहने की शक्ति भी देगा.
ReplyDeleteबहुत दुखद और अफसोसनाक है यह घटना.
ReplyDeleteविधना के इस विधान के आगे हमारा जोर कहाँ चलता है.गर्भ में पल रहे शिशु को भी लील गया वह .
परिवार के साथ हार्दिक सहानुभूति.
...कल टीवी समाचारों में खबर देखी थी,पर आपका चित्र पूरा नहीं देख पा था,पर मन में आशंका ज़रूर हुई थी और आज इस पोस्ट ने उसे सच कर दिया.
आपसे हार्दिक संवेदना है मित्र .
इस दुख की घड़ी में हम सब आपके साथ हैं। आप भविष्य में ऐसी पोस्ट कभी न लिखें, यही ईश्वर से प्रार्थना है।
ReplyDeleteबहुत दुखद घटना,,,ईश्वर दुख को सहने की शक्ति दे,,,,,
ReplyDeleteबहुत दुखद समाचार है यह। हौसला रखें।
ReplyDeleteबिंदु ही नहीं हम सब के लिये ये खत बहुत बुरा निकला। शब्द भी नहीं होते । धैर्य रखने के अलावा और कोई चारा नहीं होता है । आप भी कोशिश करें धैर्य रखने की ।
ReplyDelete.
ReplyDeleteबहुत दुखद !
बहुत अनर्थ कर देता भगवान भी कई बार ...
वह पोस्ट भी पढ़ी हुई थी ...
मन भीग गया ...
भगवान जाने वाले की आत्मा को शांति और उन के अपनों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करे!
i am so sorry satish
ReplyDeleteplease accept my heart felt condolence
बेहद दुखद घटना
ReplyDeleteइश्वर सबको इसे सहने की शक्ति दे !
ओह....दुखद ..
ReplyDeleteकल तक रहते जो मुस्काते ,हँसते गाते ,आते जाते
ReplyDeleteऐसे आने जाने वाले ,जाने चले जातें हैं ,कहाँ ?
आकस्मिक दुःख पहाड़ सा टूटता है ...समय बड़ा बलवान है ,
समय करे नर क्या करे ,
समय समय की बात ,किसी समय के दिन बड़े ,
किसी समय की रात .
दुःख की यह रात भी धीरे धीरे घट जायेगी ,कट जायेगी ..फितरत दी है उसी भगवान ने सब कुछ सहने की समय के साथ जख्म भर जातें हैं ,पर जो जातें हैं लौट के नहीं आते ,जाने चले जाते हैं कहाँ ......
दुनिया से जाने वाले ,जाने चले जाते हैं कहाँ ...
बहुत दुखद समाचार .हे ईश्वर ,सहन करने की शक्ति भी देना !
ReplyDeleteदुखद !
ReplyDeleteईश्वर दुख को सहने की शक्ति दे .
अफ़सोस ! बेहद अफ़सोस ! उनकी मुक्ति के लिए दुआयें !
ReplyDeleteदुखद समाचार। विनम्र श्रद्धांजलि।
ReplyDelete.......
ReplyDelete.......
.......
उफ्फ!!!! बेहद दुखद है घटना है.... रब आप लोगो को दुःख सहने की ताकत दे...
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ReplyDeleteसंसार की हर शै का, इतना ही फसाना है। इक धुंध से आना है, इक धुंध मेँ जाना है'.......इस निष्ठुर प्रकृति के सामने हम सब असहाय हैं.आपको ढाढस रखना होगा.ईस्वर से मेरी प्राथना है की इस दुखद कष्ट से उबरने की शक्ति आपको एवं पूरे परिवार को दे..
ReplyDeleteईश्वर इस दुखद स्थिति को सहन करने की शक्ति भी देना !
ReplyDeleteबहुत दुखद समाचार ....ईश्वर इस दुखद घड़ी में धैर्य और हौसला बनाए रखे ...
ReplyDeletei am sorry satish ji - please accept my condolences
ReplyDeleteबहुत दुखदायी .
ReplyDeleteभगवान आप सब को यह कष्ट सहन करने की शक्ति दे .
so sad . My Feeling are with Her family and friends.
ReplyDeleteओह्ह्ह........हृदयविदारक घटना है सतीश जी...अश्रुपूरित श्रद्धांजलि.
ReplyDeleteजानता हूँ कि कहना आसान है लेकिन धीरज रखना ही होगा, और कोई चारा भी नहीं| शोकसंतप्त परिवार के साथ संवेदना व्यक्त करता हूँ|
ReplyDeleteहृदय विदारक समाचार। हार्दिक संवेदनाएँ।
ReplyDeleteओह ..हार्दिक संवेदना भाई ...ईश्वर सभी को इस विछोह पर धैर्य दे और आत्मा को शांति !
ReplyDeleteअल्प उम्र में ऐसी हृदय विदारक घटना? !! संजोगों की निष्ठुरता देख मन संतप्त हो उठा। हार्दिक संवेदना। परिवार शीघ्र मनोव्यथा से उभरे ऐसी कामना!!
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ReplyDeleteदुखद समाचार...ईश्वर परिवारजनों को दुख सहने की शक्ति दें|
ReplyDeleteदुखद समाचार है सतीश जी,
ReplyDeleteईश्वर आप को यह कष्ट सहन करने की शक्ति दे .
विनम्र श्रद्धांजलि।
सतीश जी ,जीवन की मुख्य धारा को आकस्मिक तौर पर मोड़ने वाले परिवर्तन सुनामी बनके न जाने कहाँ से चले आते हैं .साथ के नीचे सब कुछ शांत और प्रशात रहता है और जीवन तट पर विध्वंस और सन्नाटा बुनते है ये आकस्मिक ठहराव .
ReplyDeleteयहाँ आकस्मिकता और होनी ,विधि की विडंबना और विधना में से किसे बलवान समझा जाए .
कई मर्तबा पूर्व जन्म के संस्कार बड़े प्रबल होतें हैं .विधना का खेल इस जन्म में खेलते हैं .लगता है सब कुछ आदमी यहीं भोगके नहीं जाता .कुछ अ -भोगा साथ चला जाता है कर्म फल .
अंत में विधना का खेल ही चलता है .करम गति टारे न टरे ....धीरज धर्म मित्र अरु ,नारी ,आपद काल परखिये चारी ...
समय बदलता है यह भी बदलेगा फिर फूल खिलेंगे . परिवर्तन ही शाश्वत है .
बहुत दुखद खबर है और कैसा इत्तेफाक कि उस दिन अपने अखबार के दफ्तर में यह खबर मेरे हाथ ही आई। बड़ा हादसा था इसलिए प्रमुखता से लगाया था। हादसे और अपराध अक्सर झकझोर देते हैं लेकिन उस दिन पता नहीं था कि यह दुर्घटना इतने करीब की होगी। आपने जिस संवेदनशीलता से उनके बारे में लिखा है वह आंखें भिगो गया। इस दुख की घड़ी में सब आपके साथ हैं, हौसला रखें।
ReplyDeleteआभार आपका नरेन्द्र भाई !
Deleteओह आँखें भर आयी। कुछ अपने साथ बीतेैसे ही पल याद आ गये। पता नही भगवान इन्सान के साथ कौन से खेल खेलता है। लेकिन सहन करना ही पडता है भगवान अनु की आत्मा को शान्ति दे और परिवार को इस दुख का सामना करने का साहस।
ReplyDeleteबहुत दुखद घटना... हमारे साथ बाटने के लिए धन्यवाद
ReplyDeleteयह तो बेहद दुखद है।
ReplyDeleteसारी परिक्षाएँ पास कहने के बाद ईश्वर तूने यह क्या रिजल्ट दिया! तेरी माया तू ही जाने पर हमको तो लगता है कि बहुत गलत किया।
बहुत ही दुखद ... कई बार हर हम ऐसे पलों में अवाक और नि:शब्द रह जाते हैं ..
ReplyDeleteदुखद ... भगवान अनुप्रिया की आत्मा को शाँति दे ... ईश्वर दुःख सहने की क्षमता दे ...
ReplyDeleteअत्यंत करुण घटना. नियति पता नहीं क्या तय करती है हम सब के लिये.
ReplyDeleteसतीश जी इस दुख को कैसे सह रहे होंगे ? धीरज तो आपको धरना ही होगा । नियती का खेल अजब है कौन समझ पाया है इसको । आपके दुख में हमे शामिल समझें । भगवान अनुप्रिया जी के आत्मा को शांति दे ।
ReplyDeleteबेहद दुखद .
ReplyDeleteभगवान अनु की आत्मा को शान्ति दे और परिवार को इस दुख का सामना करने का साहस.
:(
ReplyDeletebahut hi dukhad paristhiti hai bhagvan sabhi ko dukh sahne ki shakti de .....anu ji ki aatma ko shanti mile .....
ReplyDeleteसतीशजी,
ReplyDeleteबहुत दिनों से नेट व ब्लागिंग पर आना नहीं हो पाने के कारण इस ह्रदयविदारक घटना की जानकारी नहीं मिल पाई । समझ नहीं पा रहा हूँ कि किस तरह ढाढस बंधाने जैसी बात करुँ ।
कहना आसान है पर फिर भी अनुरोध है कि लिखें इससे दर्द को बहने का अवसर मिलेगा । दुख बांटने से कम होगा ।
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