Wednesday, May 27, 2015

जिस दिन पहली बार मिलोगे, गाओगे - सतीश सक्सेना

पहली  बार मिलोगे तो शरमाओगे !
सब  देखीं तस्वीरें , फीकी पाओगे !

जब जब तुमको याद हमारी आएगी
बिना बात ही घर बैठे , मुस्काओगे !

गीत हमारे खुद मुंह पर आ जाएंगे
जब भी नाम सुनोगे,गाना गाओगे !

आसमान की राहें, आसां कहाँ रहीं
सूर्यवंशियों की , ठकुराहट पाओगे ! 

बार बार समझाया, चाँद सितारों ने
मीठे गीत न गाओ तुम फंस जाओगे !




43 comments:

  1. सदा दिल को छूकर नसों में उर्जा का संचार करनेवाली गीत

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  2. खिलखिलायेंगे भी :)
    बहुत सुंदर ।

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  3. नहीं अकेले जाओ तुम फंस जाओगे।
    सही कहाँ।- नहीं अकेले जाओ तुम फँस जाओगे।

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  4. अच्छा तो ,चूके नहीं यहाँ भी !

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  5. आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (25.07.2014) को "भाई-भाई का भाईचारा " (चर्चा अंक-1685)" पर लिंक की गयी है, कृपया पधारें और अपने विचारों से अवगत करायें, चर्चा मंच पर आपका स्वागत है, धन्यबाद।

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  6. वाह... बहुत सुंदर !

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  7. गीत हमारे खुद मुंह पर आ जाएंगे
    जब भी नाम सुनोगे,गाना गाओगे !
    गीत में लय ,ताल,छंद हो तो अपने आप जबान पर आ जाते है और गुनगुनाने का मन करता है आप के गीत तो वैसे ही लय तालयुक्त मधुर होते है :) सटीक हमेशा की तरह !

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  8. कल 25/जुलाई /2014 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    धन्यवाद !

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  9. कल 25/जुलाई /2014 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    धन्यवाद !

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  10. जब तक सुन्दर गीत रचोगे यश प्रसिध्दियॉ तुम पाओगे ।
    सब के मन को तुम भाओगे प्रेरक - सर्जक कहलाओगे ।

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  11. वाह ....बेहतरीन भावों का संगम

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  12. अलमस्त बिंदास रचना ! क्या बात है !

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  13. जब जब तुमको याद हमारी आएगी
    बिना बात ही घर बैठे , मुस्काओगे ..
    वाह बहुत ही लाजवाब ... याद आती है तो मुस्कराहट चली आती है ...

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  14. आसमान की राहें, आसां कहाँ रहीं
    सूर्यवंशियों की , ठकुराहट पाओगे !
    …ठकुराहट की शान निराली है
    .......बहुत बढ़िया ...

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  15. निराली आसमान की राहें, आसां कहाँ रहीं
    सूर्यवंशियों की , ठकुराहट पाओगे !
    …ठकुराहट की अलग ही शान है.……………। बहुत बढ़िया

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  16. बार बार समझाया,चाँद सितारों ने
    नहीं अकेले जाओ तुम फंस जाओगे !
    ...वाह...लाज़वाब प्रस्तुति...

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  17. Replies
    1. आपका स्वागत है आचार्य !

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  18. खुबसूरत अभिवयक्ति.....

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  19. बहुत सुन्दर ...

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  20. सुन्दर अभिवयक्ति

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  21. ब्लॉग बुलेटिन की आज शुक्रवार २५ जुलाई २०१४ की बुलेटिन -- कुछ याद उन्हें भी कर लें– ब्लॉग बुलेटिन -- में आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार!

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  22. बहुत सुंदर सतीश जी।

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  23. खुद पर अदम्य विश्वास ।।। सुन्दर गीत ।

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  24. बहुत ख़ूबसूरत ग़ज़ल...

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  25. hmmmm to fir milna pdega aap se...... hm wo nhi jo mil kr sharmaayenge, paanw chhuenge aur....gle lg jayenge :P
    hmesha ki tarah .........schmuch achchha geet.........aapka geet

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  26. This comment has been removed by the author.

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  27. मीठी मीठी रचना ....
    बहुत ख़ूबसूरत ग़ज़ल.....

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  28. वाह...
    सुर सरगम लय ताल बह रही
    शब्द-शब्द जग हाल कह रही

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    Replies
    1. स्वागत व आभार आपका !!

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  29. This comment has been removed by the author.

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  30. khubsurat rachna,mithe bhav ke sath...bs aah-wah..

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  31. पुराना माल, नयी तारीख पर... ;)

    By d Way,
    मुझे एक गजल याद आ गयी....
    प्यार हमसे जो किया तुमने तो क्या पाओगे...

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  32. आपकी कविता दिल को छू गई। अच्‍छी रचना के लिए आपको बहुत बहुत धन्‍यवाद।

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  33. जब जब तुमको याद हमारी आएगी
    बिना बात ही घर बैठे , मुस्काओगे ..
    बहुत खूब ... यही तो प्रेम की इन्तहा है ... हर शेर दिल में उतरता हुआ ...

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एक निवेदन !
आपके दिए गए कमेंट्स बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं, कई बार पोस्ट से बेहतर जागरूक पाठकों के कमेंट्स लगते हैं,प्रतिक्रिया देते समय कृपया ध्यान रखें कि जो आप लिख रहे हैं, उसमें बेहद शक्ति होती है,लोग अपनी अपनी श्रद्धा अनुसार पढेंगे, और तदनुसार आचरण भी कर सकते हैं , अतः आवश्यकता है कि आप नाज़ुक विषयों पर, प्रतिक्रिया देते समय, लेखन को पढ़ अवश्य लें और आपकी प्रतिक्रिया समाज व देश के लिए ईमानदार हो, यही आशा है !


- सतीश सक्सेना

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