Wednesday, April 8, 2015

हर कविता में छिपी कहानी होती है - सतीश सक्सेना

कुछ ग़ज़लों में एक कहानी होती है,
उन चोटों की सर्द निशानी होती है !

सब कुछ बता न पाएं मारे जाएंगे,
कुछ तो बातें हमें छिपानी होतीं हैं !

अब न भरोसा करते हैं लंका वाले
भाई की पहचान करानी होती है !


सुना था ब्रूटस बडे भरोसे वाले थे
अपने घर पाकर , हैरानी होती है !

कैसे  ढूंढेंगे प्रमाण , दुनिया वाले 
कितनी बातें सिर्फ जुबानी होती है !

9 comments:

  1. सच है . गजल हो या कविता ,दर्द तो रहता ही है . सुन्दर .

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  2. अपनी होती है कहानी
    खुद को ही सुनानी होती है
    कौन पढ़ता है कौन समझता है
    कुछ बाते बस निभानी होती हैं :)

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  3. 'कैसे ढूंढेंगे प्रमाण , दुनिया वाले
    कितनी बातें सिर्फ जुबानी होती है !'
    - बहुत सही !

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  4. हर कविता में छिपी कहानी होती है -bahut khub.

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  5. ग़ज़ल-कहानी दिल की गहराइयों से निकलती है ,दर्द और भावों की विभिन्नताओं के साथ। उस स्तर पर मनुष्य नितांत अकेला है और अपने मन का राजा भी ---प्यारी और सच्ची अभिव्यक्ति।

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  6. इन ग़ज़लों में एक कहानी होती है,
    उन चोटों की सर्द निशानी होती है
    सही है वक्त भले ही भर दे उन चोटों को
    लेकिन दर्द तो शेष रहता ही है !

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  7. बहुत सीधी सच्ची बात..

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- सतीश सक्सेना

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