Tuesday, June 12, 2018

बिना समझे, दौड़ना खतरनाक हो सकता है -सतीश सक्सेना

६ जून की पोस्ट पर भाई लकी सिंह के स्नेहिल प्रश्न के जवाब में यह पोस्ट लिखनी आवश्यक हो गयी है मुझे दुःख है कि अधिकतर लोग ध्यान से बिना समझे रनिंग शुरू करते हैं जबकि यह बेहद घातक सिद्ध हो सकता है अतः आज रनिंग से सम्बंधित कुछ ख़ास बातें , फायदे और संभावित नुकसान की भी चर्चा आवश्यक है !

चूंकि रनिंग अकेली ऎसी एक्सरसाइज है जो डायबिटीज और ह्रदय आर्टरिज़ में आयी रूकावट को दूर करने में समर्थ है मगर रनिंग के बारे में कोई यह जानना नहीं चाहता कि रनिंग का सही तरीका क्या है, नुकसान क्या हो सकते हैं , उनका सोंचना है कि रनिंग के बारे में किसी से क्या पूंछना ? और वे दौड़ना शुरू कर देते हैं यही नहीं उनकी कोशिश होती है कि वे लम्बी दूरियां, बढ़िया स्पीड के साथ तय कर सकें ताकि साथियों में अपनी बुलंदी के किस्से सुनाये जा सकें और अधिकतर इस जोश का अंत किसी गंभीर मसल्स इंजरी के साथ ही होता है जिसके कारण कई लोगों की रनिंग पूरे जीवन नहीं हो पाती !


रनिंग एक हार्ड हाई इम्पैक्ट एक्सरसाइज है जिसमें शरीर के हजारो अंग एक  साथ वायब्रेट करते हैं और विभिन्न व्यक्तियों पर अपनी अपनी आदत के अनुसार उन पर अच्छा या बुरा असर पड़ता है ! अतः रनिंग करते समय हर व्यक्ति का ध्यान अपने शरीर पर होना चाहिए कि वह क्या कह रहा है , और हर शरीर अपने स्वस्थ होने या बीमार होने का संकेत काफी पहले ही देता है अगर इसे दौड़ने के जोश में, नज़रंदाज़ करेंगे तो यकीनन आपका नुकसान हो सकता है !

हर रनिंग में शरीर के मसल्स एवं जॉइंट्स को बहुत काम करना पड़ता है गिरते हुए हर कदम पर आपके शरीर के वजन का तीन गुना इम्पैक्ट जमीन पर पड़ता है इसका अर्थ यह है कि दौड़ते समय अगर आपका वजन 70 kg है तो हर गिरते कदम पर आपका पैर जमीन से 210 kg के वजन के साथ टकराएगा और हर बार 210 किलोग्राम  इम्पैक्ट का कम्पन आपके घुटने,हिप जॉइंट्स , बॉडी कोर, हृदय, फेफड़े और मस्तिष्क तक महसूस करेगा ! 5 Km दौड़ते हुए ,एक रनर लगभग 6000 बार अपने घुटनों और काफ मसल्स पर 210 किलोग्राम का इम्पैक्ट देता है , और यह झनझनाहट, शरीर के हर नाजुक जॉइंट्स से गुजरती हुई मस्तिष्क तक जाती है !

इतनी दुष्कर हाई इम्पैक्ट एक्सरसाइज अगर कोई आलसी वृद्ध व्यक्ति , या अनाड़ी जोशीला जवान एक दिन में करने की कोशिश करेगा तो इस मूर्खता स्वरुप उसकी मसल्स एवं जॉइंट्स में सूजन आ जाएगी और अधिक  करने पर,वे फटकर घायल भी हो सकती हैं जिनके हील होने में कई बार महीनों, बेडरेस्ट करना पडेगा और अगर मेडिकल व्यापारियों के पास चला गया तो वह ऑपरेशन के साथ,लोहे के घुटने लगा कर, बचे जीवन भर रनिंग को गालियां देता रहेगा !


इस तरह की चोट लगने से बचाव के लिए, सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता अधिक मात्र में पानी पीना है ! अगर शरीर में पानी पर्याप्त मात्र में नहीं है तब दौड़ते समय मसल्स क्रेम्प्स आना और अंदरुनी जख्म के कारण दर्द होना, सामान्य बात है ! अतः हर रनर दौड़ने से पहले 24 घंटे अपने शरीर को, पर्याप्त हाइड्रेशन देने की व्यवस्था करता है अधिकतर जल, जूस , दूध या  लिक्विड भोजन इसकी जरूरत पूरी करता है !

हर लम्बी दौड़ के बाद एक या अधिक दिनों का आराम आवश्यक है जिसमे सूजे हुए मसल्स आराम के बाद ठीक होकर और शक्तिशाली बनकर अगली रनिंग के लिए अधिक मजबूती के साथ तैयार हो सकें ! इस प्रक्रिया को मसल्स अथवा शारीरिक रिकवरी कहते हैं यह रनिंग की सबसे बड़ी उपलब्धि है मैं इसे कायाकल्प कहता हूँ इस प्रक्रिया से ही शरीर ढीले मसल्स का त्याग कर , नौजवान मसल्स की शक्ल लेकर , नए
स्वरुप को प्राप्त करता है ! सो हर लम्बी मेहनत के बाद , ढेरों जल , लंबा आराम एवं बेहतरीन नींद अवश्यक है !
  

याद रहे हर रनर दौड़ से पहले बॉडी वार्मअप करता है फिर धीरे धीरे दौड़ना और दौड़ के समाप्ति पर कुछ देर तक जोगिंग मोड में दौड़ना बेहद आवश्यक होता है ! इतनी मेहनत के करने बाद रिकवरी के लिए निम्न टिप ध्यान में रखना आवश्यक हैं !
  • रनिंग के बाद एक या दो दिन आराम करें उसके बाद जब शरीर ठीक हो जाए तब अगली दौड़, पहली दौड़ से स्लो करें न कि जोश में और तेज दौड़ने का प्रयत्न करें यह भयानक भूल होगी आप यह न भूले कि आपके मसल्स ऊपर से भले सहज लग रहे हैं मगर वे भीतर से जख्मी हैं उन्हें और जख्म न दें !
  • बेहतरीन नींद ही सूजे हुए अंगों को ठीक करके स्वस्थ बनाने में समर्थ है सो 10 km या अधिक लम्बी दूरी के रनर कम से कम 8 घंटे या 10 घंटे की नींद अवश्य लें ! 
  • रनर के लिए हाइड्रेशन से महत्वपूर्ण कुछ नहीं होता हर रनिंग से पहले के 24 घंटे ढेरों पानी पीना है ताकि आपके शरीर में स्मूथनेस और शरीर से सफाई हो सके और इसी तरह रन के बाद अगले दो दिन खूब पानी एवं लिक्विड आहार लें ताकि मसल्स रिकवरी इफेक्टिव हो , हाँ दौड़ते समय पानी कम लेना चाहिए
    गला सूखते समय सिर्फ सिप भर लेना है ताकि गला गीला रहे ! भर पेट पानी दौड़ते हुए पीना मूर्खता होगी वह आपको दौड़ने नहीं देगा !
  • रनिंग के बाद बिना आराम किये, जोश में लोग, पिछली थकान को साथ लेकर अगले दिन फिर दौड़ने जाते हैं और सूजी हुई मसल्स को डैमेज करते हैं अगर इन्हीं मसल्स को समुचित आराम दिया जाता तो वे अगली रनिंग और अधिक ताकत के साथ बिना थके करने के लिए तैयार होती !
  •   सप्ताह में एक दिन रनिंग की जगह क्रॉस ट्रेनिंग बेहद आवश्यक है जिनके द्वारा उन मसल्स को मजबूत किया जाता है जिनका उपयोग रनिंग के समय नहीं होता बहुतायत में रनिंग इंजुरी इसी के न करने के कारण होती है ! और साइकलिंग को बेहतरीन क्रॉस एक्सरसाइज माना जाता है !सो सप्ताह में एक दिन साईकिल चलायें !
  • रनिंग से पहले बॉडी स्ट्रेचिंग एवं वार्मिंग रनिंग के दौरान सिप करने के लिए पानी की छोटी बोतल एवं रन के अंत में धीमे धीमे स्लो डाउन करते हुए रुकना , इंजुरी से बचने के लिए बहुत आवश्यक है !
  • सीनियर उम्र के रनर अगर जल्दवाजी और जोश में रनिंग करेंगे तो तरह तरह के दर्द होंगे जिन्हे मेडिकल व्यापारी  खतरनाक बताकर पैसे निकलवा लेंगे ! उन्हें खासतौर पर शरीर का लचीलापन बनाये रखने के लिए विभिन्न एक्सरसाइज करना होगा तथा अपने लिए गहरी  नींद , सप्ताह में दो दिन पूरा रेस्ट तथा एक दिन साइक्लिंग करनी ही होगी  तभी शरीर लम्बे समय तक रनिंग के लिए साथ देगा , थके हुए पैरों को लेकर लम्बी दौड़ नहीं करनी चाहिए !
निम्न वेब साइट पर जाकर आप अन्य जानकारी ले सकते हैं 
https://www.runnersworld.com/training/

एवं रनिंग ट्रेनिंग के लिए 
https://www.halhigdon.com/training/5k-training/

यह मत भूल जाना कि इन दिनों जिन के पेट का घेरा बढ़ा हुआ है वे सब हृदय आर्टरीज में चर्वी जमा कर चुके हैं और डायबिटीज के शिकार हैं और इससे मुक्ति का इलाज केवल और केवल रनिंग सीखना है ! उनका जबरदस्त प्रभामंडल , समाज से मिलता सम्मान का नशे में व्यस्त वे आसन्न मौत की आहट भी नहीं ले पाएंगे  !

उन्हें चाहिए कि अगर अपने यश और सम्मान का सुख लेना है तो थोड़ा समय उस भूल पर लगाएं जो उन्होंने वर्षों से की है, आज से मेहनत करना और पसीने के साथ दौड़ने में सुख लेने का प्रयत्न करें अन्यथा जिनके लिए जीना आवश्यक है उन्हें ही खतरे में डालकर अचानक जाने के लिए तैयार रहें !
मंगलकामनाएं आप सबको !

5 comments:

  1. आपकी बातें सचेत करती हैं ...
    ध्यान रखना जरूरी है इन बातों का ... अच्छा आलेख ...

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  2. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन विश्व बालश्रम निषेध दिवस और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है.... आपके सादर संज्ञान की प्रतीक्षा रहेगी..... आभार...

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  3. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, एक भयानक त्रासदी की २१ वीं बरसी “ , मे आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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एक निवेदन !
आपके दिए गए कमेंट्स बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं, कई बार पोस्ट से बेहतर जागरूक पाठकों के कमेंट्स लगते हैं,प्रतिक्रिया देते समय कृपया ध्यान रखें कि जो आप लिख रहे हैं, उसमें बेहद शक्ति होती है,लोग अपनी अपनी श्रद्धा अनुसार पढेंगे, और तदनुसार आचरण भी कर सकते हैं , अतः आवश्यकता है कि आप नाज़ुक विषयों पर, प्रतिक्रिया देते समय, लेखन को पढ़ अवश्य लें और आपकी प्रतिक्रिया समाज व देश के लिए ईमानदार हो, यही आशा है !


- सतीश सक्सेना

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