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Sunday, September 9, 2012
आह ...-सतीश सक्सेना
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Thursday, July 1, 2010
ब्लाग जगत का चरित्र बताते कुछ उत्कृष्ट और अनूठे ब्लाग - सतीश सक्सेना
आज सोचा कि कुछ विचित्र ब्लॉगों के बारे में जानकारी लेने का प्रयत्न क्यों न किया जाये जो बिना "ब्लागरों " के कमेन्ट के भी चल रहे हैं !
मगर वाकई मेरे शेर ( शेर तो तुसी हो ही ...गुरु का शेर ...हमारी अस्मिता की रक्षा के लिए कटिबद्ध परिवार के बड़े भाई को लख लख बधाइयां ) तुम्हारा यह काम, तुम्हे मेरी निगाह में बहुत ऊंचे स्थान पर ले गया है ! तुम्हे हार्दिक शुभकामनायें !
- इसी यात्रा क्रम में , एक विचित्रतम ब्लॉग पर पंहुचा जहाँ बी एस पाबला ,प्रिंट मीडिया पर आज किस ब्लाग की चर्चा हो रही है, यह ढूँढ कर लिखते हैं ! अपने उलटे सीधे कर्मों के लिए मशहूर यह सरदार मुझे वाकई विचित्र लगा ! आज के समय में जब लोग अपना अपना नाम मशहूर करने की जुगत में लगे हैं ! यह श्रीमान जी पूरे दिन अखबारों में ढूँढ कर, एक खबर लगा कर बैठे हैं कि गजरौला टाइम्स ने खुशदीप सहगल को छाप दिया ! १९ जून २०१० को छपी इस पोस्ट के बाद, इस धुनी सरदार की इस मेहनत पर खुद खुशदीप सहगल ने भी आकर धन्यवाद नहीं दिया ! औरों को तो छोडिये उनको खुशदीप सहगल की तारीफ़ से क्या लेना देना , जो आकर बी एस पावला के इस सरदारी परोपकार को धन्यवाद दें ! इस बेहतरीन काम पर केवल एक कमेंट्स आया जिसका इस पोस्ट से कुछ भी लेना देना नहीं !
मगर वाकई मेरे शेर ( शेर तो तुसी हो ही ...गुरु का शेर ...हमारी अस्मिता की रक्षा के लिए कटिबद्ध परिवार के बड़े भाई को लख लख बधाइयां ) तुम्हारा यह काम, तुम्हे मेरी निगाह में बहुत ऊंचे स्थान पर ले गया है ! तुम्हे हार्दिक शुभकामनायें !
- राकेश खंडेलवाल इस समय हिंदी गीत जगत में बेहद शक्तिशाली हस्ताक्षर है , अगर शब्द सामर्थ्य की बात करें तो गद्य में अजीत वडनेरकर के बाद पद्य में केवल राकेश खंडेलवाल का नाम ही है जो नियमित सरस्वती साधना में लगे रहते हैं ! मगर चूंकि राकेश जी तीखीधारयुक्त कलम के मालिक और "टिप्पणी दे टिप्पणी ले " मंत्र के जानकार नहीं हैं अतः इस अद्भुत हिंदी शिल्पकार की टिप्पणी संख्या १० से ऊपर कभी नहीं होती ! उन दस में भी "उड़नतश्तरी" वाले समीर लाल नियमित है जो उनके परमशिष्य हैं ! समीर लाल को आभार और श्रद्धा अर्पण उनके इस गुरु के लिए! अगर आपने गीतों में झंकार अनुभव करनी है तो गीत कलश ध्यान से पढ़े ....
- कैलिफोर्निया में अध्यापन कार्यरत प्रतिभा सक्सेना , ब्लाग जगत के लिए शायद अनाम हैं ! पहली बार जब इनका अनजाना सा ब्लाग पढ़ा तो यह प्रतिभा देख भौचक्का सा रह गया , शायद ही कोई उनके ब्लाग को पढता होगा ! शिप्रा की लहरें , यात्रा एक मन की ,स्वर यात्रा , लालित्यम, लोकरंग आदि के द्वारा यह हिंदी सेविका प्रौढ़ महिला शांत चित्त अपना कार्य कर रही हैं ! इनके ब्लाग शायद किसी एग्रीगेटर से नहीं जुड़े हैं अतः इन्हें कौन जान पायेगा ?? तकनीकी जानकारों से अनुरोध है कि वे प्रतिभा जी के ब्लाग को आम व्यक्ति और पाठंकों तक पंहुचाने का कष्ट करें ताकि हम इस शक्तिशाली कलम को पहचान सकें !
- डॉ मंजुलता सिंह, ७२ वर्ष की उम्र में जो कार्य कर रही हैं शायद ही कोई महिला सोच पायेगी !स्नेही व्यवहार के कारण, अपने आप ही, सामने वाले की श्रद्धा हासिल करने की क्षमता रखने वाली यह वृद्ध महिला,दिल्ली यूनिवेर्सिटी हिन्दी विभाग से, रीडर पोस्ट से रिटायर,रेकी ग्रैंड मास्टर (My Sparsh Tarang) के रूप में लोगों की सेवा में कार्यरत ! सात किताबें एवं २०० से अधिक लेख प्रकाशित हो चुके हैं, इस उम्र में भी अपने एरिया में वृद्धों की सेवा में कार्यरत रहती हैं और बहुत लोकप्रिय हैं !हिंदी की सेवा में पूरा जीवन देने वाले इस सशक्त हस्ताक्षर मंजुलता सिंह का लेखन ब्लाग पर कम ही हो पाता है !
- हिंदी जगत और राष्ट्रभाषा की सेवा में लगे अजीत वडनेरकर का ब्लॉग बहुतों के लिए प्रेरणादायक है एवं मेरे लिए वे स्वाभाविक माननीय हैं जो बिना किसी सम्मान की चाह में, हिंदी शब्द सामर्थ्य बढ़ाने में लगे रहते हैं ! बहुत कम ऐसा मौका होता है जब इनके ब्लाग पर १० से अधिक प्रतिक्रियाएं आती हों ! खुद मैं ,उनको कम पढने वालों में से हूँ ...परन्तु यह मैं हूँ आम ब्लागर ( डॉ अमर कुमार के शब्दों में अकिंचन कहूं अपने आपको तो गलत नहीं होगा ) और वे, वे हैं सबके श्रद्धेय !
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