विवाह पर गीत गाने की परम्परा, हमारे समाज में शुरू से ही है , सजधज कर मांगलिक अवसर पर महिलाओं द्वारा, ढोलक की थाप पर, यह गीत गुनगुनाइए एक बार …दूसरी बार रचना की है किसी विवाह गीत की अगर आप पसंद करें तो सफल मानूं !
कैसे जाओगे यहाँ से, लेके प्यार सजना ?
सजके आये हो हमारे द्वार,खूब सजना !
कैसे जाओगे यहाँ से , ले उधार सजना !
फेरे डाले हैं यहाँ पे तुमने सात, सजना !
कैसे जाओगे यहाँ से, लेके हार सजना !
कैसे जाओगे यहाँ से, लेके हार सजना !
कसमें खायीं हैं,हमारे घर सात सजना
कैसे दोगे तुम प्यार का, उधार सजना !
गांठें बाँधी हैं , ननद ने , हमारी सजना !
कैसे जाआगे छुटाके,पल्लू यार सजना !
खाना मामा ने खिलाया हमें साथ सजना !
कैसे खाओगे अकेले, अबकी बार सजना !
सारे नाचे हो गली में आके,आज सजना !









