तेरे झंडों से न, हिन्दोस्तान जाना जाएगा !

साधू,बाबा,तांत्रिकों ने देश शर्मिन्दा किया
आस्था से धन कमाने का ज़माना जाएगा !
शहर जीता जब उन्होंने तब नशे में लोग थे
होश आने दे शहर को ये ठिकाना जाएगा !
शुक्र है अब नौजवां, अंधे नहीं इस देश के
नबी के बच्चों से झगडे का बहाना जाएगा !
मिटा पाओगे निशां,अल्बर्ट,सेखों,हमीद के ?
सरजमीं पे उन्हीं का अधिकार माना जाएगा !






















