खतरे जिम के:
पिछले कुछ वर्षों से gym जाने के लिए २०-४० वर्षीय भारतीयों में अधिक रुझान देखा गया है , पढ़े लिखे बेहतरीन जॉब करने वाला युवा वर्ग , बिना इस इंडस्ट्री को समझे, इसे ख़ुद को शक्तिशाली और ख़ूबसूरत बनाने का सबसे अच्छा विकल्प मानता है ! अगर आपके परिवार में कोई सदस्य ऐसा है तो कृपया इस लेख को अवश्य समझ कर पढ़ें और ख़ुद रिसर्च करने से पहले उसे जिम न जाने दें !
एनसीआरबी की रिपोर्टों के अनुसार, देश में हृदयघात (Heart Attack) और सडन कार्डिएक डेथ (Sudden Cardiac Death) के मामलों में वार्षिक स्तर पर बढ़ोतरी देखी गई है, जिनमें एक बड़ा हिस्सा 20 से 40 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं का है !
फिटनेस और हेल्थ डेटा रिपोर्टों के अनुसार, भारत में लगभग 80% से अधिक लोग बिना किसी प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच (ECG, ब्लड प्रेशर या लिपिड प्रोफाइल) के जिम में मसल्स बनाने के लिए भारी कसरत शुरू कर देते हैं !
कई युवाओं में कार्डियोमायोपैथी (Cardiomyopathy) या धमनियों में रुकावट जैसी समस्याएं पहले से होती हैं, जिनकी बिना जांच कसरत करने पर अचानक कार्डिएक अरेस्ट हो जाता है !
हाइपरट्रोफिक कार्डियोमायोपैथी (Hypertrophic Cardiomyopathy - HCM) में दिल की मांसपेशियां अधिक मोटी हो जाती हैं ! युवाओं और एथलीटों में वर्कआउट के दौरान अचानक होने वाली मौतों में यह सबसे आम कारण पाया गया है ! यह समस्या अक्सर जेनेटिक होती है या फिर लंबे समय तक स्टेरॉयड या दवाओं के लेने से भी हो सकती है !
जब कोई व्यक्ति भारी वजन उठाता है या बहुत हाई-इंटेंसिटी कसरत करता है, तो दिल को बहुत तेजी से खून पंप करना पड़ता है , यदि किसी को पहले से HCM की शिकायत है, तो अत्यधिक दबाव पड़ने पर दिल की धड़कन अचानक बढ़ जाती है ,(Arrhythmia) हो जाती है और दिल काम करना बंद कर देता है !
हृदय खुद एक मांसपेशी है, जिसे लगातार काम करने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है ,कोरोनरी आर्टरीज दिल की मांसपेशियों तक ताजा खून पहुंचाती हैं , जब इन आर्टरिज की भीतरी दीवारों में कोलेस्ट्रॉल, फैट का जमाव होने लगता है, तो इसे प्लाक कहते है ,प्लाक जमने से धमनियां पतली और सख्त हो जाती हैं , इससे दिल तक पहुंचने वाले खून का प्रवाह कम हो जाता है ! कई बार युवाओं में थोड़ा-बहुत प्लाक (30-40% रुकावट) पहले से होता है जिसके कोई लक्षण नहीं होते लेकिन हाई स्ट्रेस , डिहाइड्रेशन या स्टिमुलेंट्स (जैसे हाई-कैफीन प्री-वर्कआउट) के कारण यह प्लाक अचानक फट जाता है, जिससे वहां तुरंत ब्लड क्लॉट बन जाता है और खून जाना 100% रुक जाता है , इसे ही हार्ट अटैक (Heart Attack) कहते हैं !
कम समय में बढ़िया रिजल्ट पाने के लिए हानिकारक सप्लीमेंट और स्टेरॉयड का उपयोग दिल की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचाता है !
शॉर्टकट में मसल्स बनाने की कोशिश करते 25-30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को भारी जिम शुरू करने से पहले एक बेसिक ECG और TMT (Treadmill Test) या Echo (Echocardiogram) कराना समझदारी है साथ ही अनधिकृत सप्लीमेंट्स, फैट-बर्नर और स्टेरॉयड से पूरी तरह दूर रहें, क्योंकि ये धमनियों और दिल की मांसपेशियों दोनों को नुकसान पहुंचाते हैं !
शरीर के संकेतों को सुनें , यदि कसरत के दौरान शरीर असामान्य थकान या सीने में असहजता का संकेत दे, तो तुरंत रुक जाएँ !
