हम भी यूँ तो गिरेंगे, जमीं पर नहीं !
वैसे हंसकर कहूँ , यदि बुरा न लगे
तुम निछावर हुये हो, हमीं पर नहीं !
पर भरोसा सा है, आओगे एक दिन
तुम मिलोगे तो ही,पर जमीं पर नहीं !
वे मेहरबां सभी पर, हमीं पर नहीं !
हंसने का भी समय, हो मुक़र्रर यहाँ
खूब खुल के हंसें पर गमीं पर नहीं !
हंसने का भी समय, हो मुक़र्रर यहाँ
खूब खुल के हंसें पर गमीं पर नहीं !
वैसे हंसकर कहूँ , यदि बुरा न लगे
तुम निछावर हुये हो, हमीं पर नहीं !
पर भरोसा सा है, आओगे एक दिन
तुम मिलोगे तो ही,पर जमीं पर नहीं !



















