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Friday, February 9, 2018
Friday, August 5, 2011
उन्मुक्त हंसी -सतीश सक्सेना
सुबह सुबह टहलने जाते समय , अक्सर पार्क में ठहाका लगते अधेड़ उम्र के लोग मिलते हैं , उनके साथ खड़े होकर, हास्यास्पद और बनावटी हंसी, हँसते देखने पर, यकीन मानिए आपकी हंसी छूट जायेगी कि क्या हँसी है यह भी ??
हँसते समय शारीरिक व्यायाम के साथ साथ, रक्त में ओक्सिजन का बेहतर संचार और मांसपेशियों में खिंचाव बेहतर तरीके से होता है ! हाँ जबरन हँसी के साथ , मानसिक संतुष्टि शायद ही कभी महसूस कर पायेंगे ! सामूहिक हंसी से, हंसने की आदत पड़ने में अवश्य सहायता मिलती है अतः जो लोग हंसना भूल चुके हों उन्हें इस प्रकार के लाफिंग क्लास अवश्य ज्वाइन करने चाहिए !
हँसते समय शारीरिक व्यायाम के साथ साथ, रक्त में ओक्सिजन का बेहतर संचार और मांसपेशियों में खिंचाव बेहतर तरीके से होता है ! हाँ जबरन हँसी के साथ , मानसिक संतुष्टि शायद ही कभी महसूस कर पायेंगे ! सामूहिक हंसी से, हंसने की आदत पड़ने में अवश्य सहायता मिलती है अतः जो लोग हंसना भूल चुके हों उन्हें इस प्रकार के लाफिंग क्लास अवश्य ज्वाइन करने चाहिए !
मुझे लगता है कि उन्मुक्त होकर हँसने के लिए सबसे पहले, एक निर्मल और चिंतामुक्त मन चाहिए ! अगर आपने कभी बच्चों की हंसी, का दिल से आनंद लेना हो तो खिलखिलाते वक्त उनकी आँखों में झाँक कर देखें, उनमें आपके प्रति प्रगाढ़ विश्वास और प्यार भरा होगा ! यही है असली हंसी..... इस हंसी से आपका तनाव दूर भाग जाएगा और ब्लड प्रेशर कभी पास नहीं आएगा ! मनीषियों ने, इसी हँसी को सेहत के लिए आवश्यक बताया है !
खेद है, कि हम लोग हँसी का अर्थ जाने बिना,हंसने का प्रयत्न करते हैं , आइये स्वाभविक रूप में हंसने के लिए बच्चों के साथ कुछ देर खेलते हैं !
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Monday, July 19, 2010
बेटी का जन्मदिन कभी नहीं भूलते, बहू का याद नहीं रहता ? -सतीश सक्सेना
सुबह सुबह मेरी बेटी ने जब मुझे याद दिलाया तो लगा कि आज के समय में ऐसी आत्म स्वीकारोक्ति , घर में सबको जोड़े रहने में अच्छी भूमिका बनाये रखेगी !
आज तरुणी का जन्मदिन है , ५ वर्ष पहले जब वह व्याह कर आई थी तो मेरे बड़े परिवार में लगा कि यह लडकी एडजस्ट होने में अधिक समय लगाएगी , मगर बहुत कम समय में , इसने अपने आपको, सबके साथ ऐसे ढाल लिया, जिसका अंदाज़ किसी को नहीं था !
और उसने बड़े आराम से निशी ( बड़ी बहू ) की जगह कब ले ली, पता ही नहीं चला ! अब जब तरुणी घर में होती है तो निशी की याद किसी को नहीं आती !
Monday, June 21, 2010
आश्चर्यजनक डिवाइस मेरे मोबाईल में - सतीश सक्सेना
यूरोप भ्रमण में, हमारी कोच जो कि इंग्लॅण्ड की थी, अलग अलग देशों में विभिन्न स्थानों, होटलों आदि पर ड्राईवर ,बिना रूट पहचाने ,कैसे पंहुच पाता है ? यह प्रश्न कौतूहल का था , ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम से लैस ड्राईवर को सिर्फ जगह का पता , शहर और देश का नाम देना होता था ! उसके बाद बस को रास्ता दिखाने का काम अन्तरिक्ष में घूमते और नीचे इस बस को देखते, सैटेलाईट करते थे !
मन में आया कि इस बार दिल्ली पंहुच कर इस औजार का उपयोग करके देखना है कि शाहदरा और नॉएडा की गलियों के बारे में यह सैटेलाईट कितना जानते हैं ! अतः दिल्ली गाज़ियाबाद सीमा पर बसे शालीमार गार्डन एक्सटेंशन में अपने विस्तृत परिवार की एक लडकी टिन्नी से मिलने का फैसला किया और हम सपरिवार निकल पड़े घर से ! गौरव के नोकिया ई ७२ मोबाइल में यह सुविधा, नोकिया कनेक्ट ( कई आधुनिक तकनीकी सुविधा देने के लिए ) के जरिये फ्री मिली हुई थी !
गौरव ने डेस्टिनेशन, जीपीएस में लिख दिया और विस्तृत मैप में उसे मार्क कर दिया था ! गाड़ी में बैठते ही , रंगीन सड़क और उस पर लगा तीर दिखाई देने लगा ! मेरे द्वारा गाड़ी स्टार्ट करते ही वोयस कमांड के जरिये सुनाई पड़ा " आफ्टर ३०० मीटर, टर्न लेफ्ट " आश्चर्य चकित मैं ड्राइविंग व्हील पर यंत्रचालित, इसका आदेश मानता हुआ अत्यंत शीघ्र नॉएडा से बाहर, एन एच २४ पर पंहुच चुका था ! कुछ जगह जान बूझकर मैंने विपरीत दिशा में गाडी मोड़ दी ! गलत दिशा में पंहुचते ही स्क्रीन पर " कैल्कुलेटिंग" के साथ कम्पयूटर पुनः ठीक दिशा निर्धारण कर चुका था ! और वाकई हमने इतनी लम्बी दूरी तय करने में कोई गलती नहीं की ! इस मध्य स्क्रीन पर मेरी गाडी की चलती हुई वास्तविक स्पीड , और अपनी मंजिल की बची हुई दूरी साफ़ साफ़ बताई जा रही थी ! ऐसा लग रहा था कि हमारे हाथ का मोबाइल फ़ोन, चलती हुई कार में फिट कोई मशीन हो , जो इस कार के अभिन्न अंग की तरह ही कार्य कर रहा था !
ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम ( GPS) एक प्रकार का रेडिओ नेविगेशन सिस्टम है , जो सारे विश्व में फैले हुए २४ उपग्रहों और उनके जमीन पर स्थिति कंट्रोल स्टेशनों की सहायता से कार्य करता है ! इस स्थिति में हमारे हाथ में मोबाइल फोन या गाड़ियों में फिक्स हार्डवेयर डिवाइस , जीपीएस रिसीवर का कार्य करने लगता है ! और इन उपग्रहों की सहायता से हमारी लोकेशन , अंतर्राष्ट्रीय WGS-84 कोओर्डिनेट्स सिस्टम्स के जरिये बेहद बारीकी से जानी जा सकती है ! ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम की सुविधा अमेरिकेन सरकार द्वारा दी जाती है और वे ही इसकी ठीक चलने और सही कार्य करने के प्रति उत्तरदायी हैं !
नोकिया के कई माडल (५२३०,५२३५,५८००,E-52,E-66,E-71,E-72,N86, N97, और X6) में इसकी सुविधा है तथा नोकिया से आप इसका मैप डाउनलोड कर सकते हैं ! नोकिया कोंनेक्ट की सुविधा मात्र १९९ रुपये प्रति माह पर उपलब्ध है ! अन्य कोई खर्चा नहीं है ! सुखद आश्चर्य , और अपनी बेवकूफी पर गुस्सा कि मैंने इससे पहले इसका उपयोग क्यों नहीं किया ...शायद हमें यहाँ भरोसा ही नहीं था कि हम भी इतने आगे निकल चुके हैं !
मन में आया कि इस बार दिल्ली पंहुच कर इस औजार का उपयोग करके देखना है कि शाहदरा और नॉएडा की गलियों के बारे में यह सैटेलाईट कितना जानते हैं ! अतः दिल्ली गाज़ियाबाद सीमा पर बसे शालीमार गार्डन एक्सटेंशन में अपने विस्तृत परिवार की एक लडकी टिन्नी से मिलने का फैसला किया और हम सपरिवार निकल पड़े घर से ! गौरव के नोकिया ई ७२ मोबाइल में यह सुविधा, नोकिया कनेक्ट ( कई आधुनिक तकनीकी सुविधा देने के लिए ) के जरिये फ्री मिली हुई थी !
गौरव ने डेस्टिनेशन, जीपीएस में लिख दिया और विस्तृत मैप में उसे मार्क कर दिया था ! गाड़ी में बैठते ही , रंगीन सड़क और उस पर लगा तीर दिखाई देने लगा ! मेरे द्वारा गाड़ी स्टार्ट करते ही वोयस कमांड के जरिये सुनाई पड़ा " आफ्टर ३०० मीटर, टर्न लेफ्ट " आश्चर्य चकित मैं ड्राइविंग व्हील पर यंत्रचालित, इसका आदेश मानता हुआ अत्यंत शीघ्र नॉएडा से बाहर, एन एच २४ पर पंहुच चुका था ! कुछ जगह जान बूझकर मैंने विपरीत दिशा में गाडी मोड़ दी ! गलत दिशा में पंहुचते ही स्क्रीन पर " कैल्कुलेटिंग" के साथ कम्पयूटर पुनः ठीक दिशा निर्धारण कर चुका था ! और वाकई हमने इतनी लम्बी दूरी तय करने में कोई गलती नहीं की ! इस मध्य स्क्रीन पर मेरी गाडी की चलती हुई वास्तविक स्पीड , और अपनी मंजिल की बची हुई दूरी साफ़ साफ़ बताई जा रही थी ! ऐसा लग रहा था कि हमारे हाथ का मोबाइल फ़ोन, चलती हुई कार में फिट कोई मशीन हो , जो इस कार के अभिन्न अंग की तरह ही कार्य कर रहा था !
ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम ( GPS) एक प्रकार का रेडिओ नेविगेशन सिस्टम है , जो सारे विश्व में फैले हुए २४ उपग्रहों और उनके जमीन पर स्थिति कंट्रोल स्टेशनों की सहायता से कार्य करता है ! इस स्थिति में हमारे हाथ में मोबाइल फोन या गाड़ियों में फिक्स हार्डवेयर डिवाइस , जीपीएस रिसीवर का कार्य करने लगता है ! और इन उपग्रहों की सहायता से हमारी लोकेशन , अंतर्राष्ट्रीय WGS-84 कोओर्डिनेट्स सिस्टम्स के जरिये बेहद बारीकी से जानी जा सकती है ! ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम की सुविधा अमेरिकेन सरकार द्वारा दी जाती है और वे ही इसकी ठीक चलने और सही कार्य करने के प्रति उत्तरदायी हैं !
नोकिया के कई माडल (५२३०,५२३५,५८००,E-52,E-66,E-71,E-72,N86, N97, और X6) में इसकी सुविधा है तथा नोकिया से आप इसका मैप डाउनलोड कर सकते हैं ! नोकिया कोंनेक्ट की सुविधा मात्र १९९ रुपये प्रति माह पर उपलब्ध है ! अन्य कोई खर्चा नहीं है ! सुखद आश्चर्य , और अपनी बेवकूफी पर गुस्सा कि मैंने इससे पहले इसका उपयोग क्यों नहीं किया ...शायद हमें यहाँ भरोसा ही नहीं था कि हम भी इतने आगे निकल चुके हैं !
Saturday, June 12, 2010
एक विश्वास यह भी - सतीश सक्सेना
डिस्नेलैंड पेरिस के अन्दर ही एक होटल ,मैजिक सर्कस में ठहरना हुआ था , नाश्ते के समय साथ एक यूरोपियन दम्पति भी अपने लगभग डेढ़ साल के बच्चे के साथ नाश्ता कर रहे थे ! नाश्ते के दौरान माँ ने अपने बच्चे की कोई मदद नहीं की और मैं अपना नाश्ता भूल उस नन्हे स्मार्ट का नाश्ता करते हुए देखता रहा ! वाकायदा चाकू छुरी का समुचित उपयोग करते , इस आत्मविश्वासी शिशु का यह फोटो मुझे डिस्ने लैंड की हमेशा याद दिलाएगा !मुझे आपने परिवार में, इसी की हमउम्र टिन्नी की याद आ गयी जो हम सबकी लाडली और अधिक केयर रखने की बदौलत आज भी शायद इस प्रकार खाना नहीं सीख पायी है !
क्या अधिक संरक्षण और अपने बच्चे की बुद्धि पर भरोसा न करते हुए हम लोग, उसका आत्मविश्वास तोड़ने के अपराधी नहीं हैं ?
Monday, May 10, 2010
निकोन डी -९० की निगाह में, मैं और मेरी गर्ल फ्रेंड -सतीश सक्सेना
फुर्सत का समय ,जो बहुत कम ही मिल पाता है , अक्सर कैमरे के साथ बिताना पसंद करता हूँ ! जीवंत फोटो देखकर लगता है इतनी सुंदर फोटो के लिए जो समय लगा वह व्यर्थ नहीं गया !साथ का फोटो टिन्नी के साथ का है ! हम दोनों में उम्र का फर्क सिर्फ ५३ साल का है ! मगर फिर भी हम अच्छे दोस्त हैं, दोनों एक दूसरे का साथ बहुत पसंद करते हैं ! दिल करता है कि एक दूसरे की ऊँगली पकडे सारे दिन मॉल से बाहर ही न निकलें मगर सामान भी क्या क्या घर ले जाएँ ...?? हर चीज पर मन ललचाता है ....अगर सब कुछ ले लिया तो घर जाकर हर हालत में डांट तो पड़नी ही है !
निकोन D-90 मशीन और सिगमा 50mm F-1.४ EX लेंस कम्बीनेशन में अपर्चर १.४,शटर स्पीड १/१५ सेकंड ,कलर टेम्प्रेचर ५००० केल्विन ,के कारण ,साधारण टयूब लाइट के प्रकाश में खिंचा यह फोटो ( ऊपर }अच्छा बन पड़ा है !
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Saturday, October 3, 2009
ब्यूटीफुल रिनी की एक झलक !

सोचा था कि आज की पोस्ट कुछ अलग हट कर हो , अचानक ध्यान 2 वर्षीया रिनी की ओर चला गया, जो अपने आप में सारे घर का ध्यान आकर्षित किये रहती है , अपने बारे में उसका कहना है कि "रिनी ब्यूटीफुल हैं" और सारा घर और उसे जानने वाले यह मानने पर मजबूर भी हैं कि रिनी ब्यूटीफुल हैं ! आशा है आप लोग भी इस मासूम सुन्दरता को पसंद करेंगे !
दो वर्षीया इस बच्ची को अपना ही अंदाज़ है , और साडी पहन कर चलने और बात करने का अंदाज़ देख कर श्रष्टि रचयिता के प्रति अनायास ही धन्यवाद देने का दिल करता है !
इन्ही का एक अन्य फोटो मेरे डेस्क टॉप पर लगा है , जिसकी निष्छल मुस्कान देखकर सारे दिन की थकान गायब हो जाती है ! काश हम बड़े लोग भी ऐसी मुस्कान लोगों को दे सकें !
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