Thursday, August 9, 2012

अनुप्रिया और उसके बच्चे से -सतीश सक्सेना

आज अनुप्रिया और उसके अजन्में बच्चे ध्रुव से   की तेरहवीं है , आज से इस बच्ची को भूलना शुरू करेंगे ....

हम आज से बच्चे तुझे बस दिल में रखेंगे 
तेरी याद कुछ ऐसी हैं , भुलाई नहीं  जाती !

जब भी कहीं जायंगे , तुझे  ले के  जायेंगे  !
वह मृदुल सी मुस्कान, भुलाई नहीं  जाती !

दुनिया नहीं  जाती, किसी के साथ, है पता !
पर याद इस मासूम की,दिल से नहीं जातीं!

वादे तमाम कर चुके कि,  अब न  रोयेंगे !  
पर आँख है , आंसू से जुदा हो नहीं  पाती !

कोशिश करेंगे, अनुप्रिया, अब याद ना आये
छलके हुए आंसू की  नज़र, छुप नहीं पाती ! 

अब लात नहीं मारना, बच्चे उसे कभी ,
तुझको संभालते हुए,वह उठ नहीं पाती !

जैसे भी हो सके , उसे अब खुद सम्हालना !
अम्मा बगैर,  अन्नू  कहीं  जा  नहीं पाती !  

तू क्या खिलायेगा उसे, हमको  नहीं  पता !
तेरी माँ बहुत सीधी है,कभी कह नहीं पाती! 

48 comments:

  1. मन भीग गया...बहुत मार्मिक रचना.....

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  2. भूलना संभव नहीं............
    मगर कोशिश की जा सकती है..

    सादर
    अनु

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  3. Sorry to know, Sathish ji. May her and her unborn child soul rest in peace !

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  4. द्रवित कर गए आपके मार्मिक भाव!!

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  5. :( बस मन और आँखें नम हैं
    अल्लाह अनुप्रिया के अपनों को ऐसा दुख सहन करने की शक्ति दे और उन की आत्मा को शाँति

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  6. याद ही अब तो सहारा है।

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  7. ye bahut dukhad hua hai...ishwar unki aatmaon ko shanti de aur aapke man ko shakti de.

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  8. यहीं पर हम ईश्वर के आगे असहाय हो जाते हैं...दुखद याद :-(

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  9. ये सच है की भूलना आसान नहीं ... पर कोशिश तो करनी पड़ती है ...
    मार्मिक सत्य को स्वीकारना पड़ता है ...

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  10. दिल द्रवित हो उठा. भूलने में समय ही सहायक हो सकता है.

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  11. भगवान् आपको इस विकत परिस्थिति से उबरने में सहायता प्रदान करे..... सहानुभूति के बस यही शब्द कह सकती हूँ..

    आंसू तो मेरे भी भर आये हैं पढ़कर

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  12. मन को द्रवित करते मार्मिक भाव,,,,,

    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ.
    RECENT POST...: जिन्दगी,,,,..

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  13. हर कष्ट सहना पड़ता है . इसके सिवाय कोई चारा भी नहीं .
    आपके दुःख को बस समझा जा सकता है .
    ईश्वर आपको शक्ति दे .

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  14. सतीश भाई ,
    धीरज धरें , अब जो भी ईश्वर को प्रिय हो !
    यह आघात पहुंचाने वाला घटनाक्रम है !
    मुझे इस महादुःख में आपके जितना ही व्याकुल मानियेगा !

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  15. सभी को इस दुख से उबरने की शक्ति मिले ……बेहद दुखद

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  16. इस दुखद घड़ी मे हम सभी आपके साथ है - ब्लॉग बुलेटिन टीम

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  17. ओह दुखी हूँ भाई जान ..गहरी संवेदना ..कुछ अपनी उलझनों में आपसे बात भी न कर सका

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  18. भगवान् की लीला अपरम्पार हैं उसके आगे किसी का बस नहीं ..

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  19. सतीश भाई, बहुत मार्मिक है। पूरा नहीं पढ़ सका। कभी हिम्मत कर के पूरा पढ़ूंगा।

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  20. घुटन सी गले में खराश की तरह हो गई .... आपकी सोच ने क्या कहूँ .... आत्मा की शांति के लिए आँख बन्द किये हैं

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  21. कुछ ज़ख्म ऐसे होते हैं जो कभी नहीं भरते। किसी की संवेदना काम नहीं आती। समय धीरे-धीरे उन जख्मों के साथ जीने का आदी बना देता है। आपके दुःख को महसूस करता हूँ तो बहुत दुःख होता है। ईश्वर आपको शक्ति दे ।

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  22. we miss you anupriya bhabhi... acche logon ko bhagvaan itni jaldi apne pass kyu bula leta hain..

    may your soul rest in peace......!!!

    :( :(

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  23. जब भी ऐसा हँसता हुआ चेहरा देखता हूँ, मन भर आता है।

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  24. बहुत मुश्किल होता है इन पलों को भुलाना

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  25. मर्मस्पर्शी रचना, मन भीग गया। बस इसी तरह दर्द को बह जाने दें।

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  26. कठिन स्थिति है, मेरी हार्दिक सम्वेदनायें सभी स्वजनों, परिजनों के साथ हैं। ईश्वर दिवंगतों की आत्मा को शांति दे!

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  27. ओह्ह्ह्ह... ऑंखें नम हैं सतीश भाई....

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  28. बड़े भाई, बहुत ही दुखद घटना.. कल आपके फेसबुक से उसके टाइमलाइन तक पहुंचा.. इतनी प्यारी प्यारी पारिवारिक तस्वीरें थीं कि आँखों पर भरोसा करना मुश्किल हो गया कि यह नन्ही सी जान अब इस दुनिया में नहीं है..!!
    आपकी वेदना समझ सकता हूँ मैं!! इश्वर दिवंगत आत्मा को शान्ति दे और परिजनों को इस असह्य पीड़ा सहने की शक्ति!!

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  29. हम इस गहन वेदना में आपके साझीदार हैं !

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  30. आपकी तकलीफ बहुत शिद्दत से महसूस कर रहे हैं हम सतीश जी. शब्द भी शेष हो जाते हैं ऐसी स्थिति में....

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  31. यार की यारी "पीर " की पीरी देखी ,अब ता -उम्र लिखेंगे गीत उनकी याद में ... .जन्म अष्टमी मुबारक -(अनू और नन्ना अजन्मा कनू )कृपया यहाँ भी देखें -
    बृहस्पतिवार, 9 अगस्त 2012
    औरतों के लिए भी है काइरोप्रेक्टिक चिकित्सा प्रणाली
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  32. मन भर आया आपकी लिखी पंक्तियाँ पढ़कर ....

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  33. प्रभु बच्ची की आत्मा को शांति देना...

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  34. यादों की बारिश से भीगी पलकें...

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  35. इस ह्रदय विदारक संदेश से अत्यंत शोकाकुल हूँ, जीवन का यह अमिट सत्य है. इश्वर शोक संतृप्त परिजनों को सांत्वना दे और दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें.

    रामराम.

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  36. दिवंगत आत्मा को शांति मिले
    इस दुःख की घडी में हम सब
    आपके साथ है !

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  37. ये दुनिया एक मुसाफिर है ,सफर तो आना जाना है ,मगर इन जाने वालों का ,ये गम कुछ कम नहीं होता ... .काइरोपेक्तिक श्रृंखला ज़ारी रहेगी अगला आलेख होगा -Shoulder ,Arm Hand Problems -The Chiropractic Approach.शुक्रिया .

    ram ram bhai
    शुक्रवार, 10 अगस्त 2012
    काइरोप्रेक्टिक चिकित्सा में है ब्लड प्रेशर का समाधान
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    http://veerubhai1947.blogspot.com/

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  38. बहुत दिनों बाद ब्लॉग पर आना हुआ...ये ह्रदय विदारक खबर पाने के लिए...भगवान इस संताप को वहन करने की शक्ति प्रदान करे...आत्माओं को शांति दे...

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  39. Greatly written.. sad story.. thanks Satish

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  40. sad...may her soul rest in peace...

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  41. ईश्वर की मर्जी के आगे सब बेबस हैं , इससे ज्यादा इस पर क्या कहा या किया जा सकता है !

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  42. बहुत गहरी पीड़ा है...दिल में याद रखकर ही जीना है...ईश्वर अजन्मे बच्चे और उसकी माँ की आत्मा को शान्ति प्रदान करें|

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  43. "akele hi aaye the , akele hi jaanaa
    jo pyar mila tumhara,mushkil hai bhul paanaa."
    Bhulne ki nahi, sahne ki shakti mile aappko.

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  44. इस दुःख की घडी में हम सब
    आपके साथ है !

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आपके दिए गए कमेंट्स बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं, कई बार पोस्ट से बेहतर जागरूक पाठकों के कमेंट्स लगते हैं,प्रतिक्रिया देते समय कृपया ध्यान रखें कि जो आप लिख रहे हैं, उसमें बेहद शक्ति होती है,लोग अपनी अपनी श्रद्धा अनुसार पढेंगे, और तदनुसार आचरण भी कर सकते हैं , अतः आवश्यकता है कि आप नाज़ुक विषयों पर, प्रतिक्रिया देते समय, लेखन को पढ़ अवश्य लें और आपकी प्रतिक्रिया समाज व देश के लिए ईमानदार हो, यही आशा है !


- सतीश सक्सेना

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