Tuesday, February 5, 2013

पुत्री वन्दना - सतीश सक्सेना

क्यों तुम चिंतित से लगते 
हो, बेटी जीत दिलाएगी  !  
विदुषी पुत्री जिस घर जाए
खुशिया उस घर आएँगी !
कर्मठ बेटी के होने से , बड़े आत्म विश्वासी गीत !
इसके पीछे चलते चलते,जग सीखेगा,जीना मीत !

जब से बेटी गोद में आई 

घर में रौनक आयी  है  !
दोनों हाथों दान किया पर 
कमी , कभी न आई है !
लगता नारायणी गा रहीं,अपने घर में आकर गीत !
उनके हाथ, बरसता वैभव, अक्षय  होते मेरे गीत  !

जब से इसने चलना सीखा 

घर में रौनक आई थी  !
इसके आने की आहट  से 
चेहरे, रंगत छायी थी  !
स्नेही मन जहाँ रहेगी, खूब सहारा दें जगदीश !
अन्नपूर्णा दान करेगी , आशिष देते मेरे गीत !


रोज कबूतर करके आएं 
अभिनंदन गुड़िया के घर का !
सारे घर को महका जाएँ , 
कुछ चन्दन उसकी यादों का !
चंचल, कल्याणी, मनभावन, जहाँ रहे बजता संगीत !  
यादें इसकी जब जब आएं,आह्लादित कर जाते गीत !

सुबह सबेरे उठते इसके  

चहक उठे, मेरा घर बार !
इसके जाने से ही घर में
सूना सा लगता संसार !
जलतरंग सी जहाँ बजेगी,मधुर सुधा बरसाए प्रीत !
बाबुल का सम्मान बढाए, करें प्रभावित मेरे गीत !

अच्युतम केशवम 
पूज्य नारायणम
ईश पुरुषोत्तमम
कृष्ण आवाहनम
सिद्धिविनायक स्थापित कर,विष्णुस्तवन गायें ईश !
सारे द्वार सुरक्षित घर के , निश्चित रहते मेरे गीत !


ॐ सर्व मंगल मांगल्ये 

शिवे, सर्वार्थ साधिके !
शरण्ये त्रयम्बके  गौरि
नारायणी नमोस्तु  ते !
दोनों कर श्रद्धा से जोड़े, पुत्रि वन्दना करते गीत !
गौरी गरिमामयी  रहेगी, आशीर्वाद  भेजते  गीत ! 


73 comments:

  1. पुत्री का ऐसा मान..निश्चय ही नारी- शक्ति का पुनर्स्थापन है.

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  2. हृदय से निकले बहुत सुंदर उद्गार ....
    प्रभावशाली रचना ....
    शुभकामनायें सतीश जी ॥

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  3. दोनों कर श्रद्धा से जोड़े, पुत्रि वन्दना करते गीत !
    गौरी गरिमामयी रहेगी, आशीर्वाद भेजते गीत !,,,,बहुत खूब,,,सतीश जी,,

    बेटियाँ हमेशा मा बाप लिए गौरव होती है,,,,,

    RECENT POST बदनसीबी,

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  4. सच ही बेटियाँ घर को गुंजायमान कर देती हैं .... बहुत प्यारा और सुंदर गीत

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  5. सुबह सबेरे उठते इसके
    चहक उठे, मेरा घर बार !
    इसके जाने से ही घर में
    सूना सा लगता संसार !


    बिटिया रानी को ढेर सारी शुभकामनाएं.
    सही कहा बच्चे स्कूल भी चले जातें हैं तो घर सूना हो जाता है...

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  6. पिता का विश्वास फलीभूत होगा ही होगा

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  7. ...बेटियों को समर्पित उत्तम गीत !

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  8. जब होता है जन्म किसी के , आँगन में बेटी का,
    सदा लाडली होती है वह, प्यारी माँ की गोदी का!

    समय गुजरता ज्यों-ज्यों , लता सी है वह बढती,
    माँ बाप का पाकर प्यार ,फूलों सी है वह खिलती!,,,,,

    WELCOME TO MY RECENT POST बदनसीबी,

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  9. आशीर्वाद भेजते गीत !
    kya sunder baat kahe hain.....

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  10. बेटियों की महिमा निराली ………बहुत सुन्दर प्रस्तुति।

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  11. सच, बेटियां घर की रौनक होती हैं...... हृदयस्पर्शी गीत

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  12. सच बेटियां घर की रौनक होती हैं...... हृदयस्पर्शी गीत

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  13. पुत्री बिना ये जीवन सूना...
    जैसे बिना फूल की बगिया..!
    बेटी मान, बेटी अभिमान,
    बेटी हम सबके जीवन की शान!:)
    ~फिर भी उसे विदा करना पड़ता है..... ये बात बहुत दुखदायी होती है...:(
    सादर!!!

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  14. मन संतुष्ट हुआ पढ़कर... सब आप जैसा ही सोचें तो कठिन नहीं है सुधार...

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  15. शुभकामनायें आदरणीय-
    बिटिया रानी को आशीष ||

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  16. सुबह सबेरे उठते इसके
    चहक उठे, मेरा घर बार !
    इसके जाने से ही घर में
    सूना सा लगता संसार !
    जलतरंग सी जहाँ बजेगी,मधुर सुधा बरसाए प्रीत !
    बाबुल का सम्मान बढाए, करें प्रभावित मेरे गीत !
    इन पंक्तियों को पढ़कर मन भर आया
    सुन्दर गीत है ....

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  17. एक पिता के ह्रदय की भावनाओं का बहुत सुन्दर चित्रण...सच बेटी का प्यार जीवन का सबसे बड़ा सहारा है, उसके दूर रहने पर भी...

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  18. आज तो आपने सारा वातावरण पवित्र सा कर दिया ! इतनी मधुर और सरस वन्दना बेटी वन्दना के नाम आनंदित कर गयी ! बेटी के लिए बहुत सी शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद सतीश जी ! रचना बहुत अच्छी लगी !

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  19. क्यों तुम चिंतित से लगते
    हो, बेटी जीत दिलाएगी !
    विदुषी पुत्री जिस घर जाए
    खुशिया उस घर आएँगी !

    बहुत सुंदर भावनाएं..बेटी होती ही ऐसी है..

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  20. बहुत ही प्यारी सी रचना.... सचमुच बेटियाँ घर की रौनक होती हैं।

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  21. बेटियां घर की रौनक होती हैं.

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  22. बेटियां सजाती घर और गूंजती सरगम सी जहाँ से वे गुजर जाती . बेटी ही रौनक होती है घर की और लक्ष्मी का स्वरूप भी । बहुत सुन्दर गीत बेटियों को समर्पित किया आपने . आभार .

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  23. बेटियों के लिए आपकी भावनाएं सदा ही विभोर करने वाली होती हैं.
    सुन्दर गीत.

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  24. बहुत अच्छा लगा सतीश जी ये मान देख के ... पुत्रियां मान देने योग्य होती हैं ... बस दिल में समझने वाली बात है ...

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  25. बेटी कदम जहाँ पड़ते हैं,
    भाग्य पसरता बिन आहट के।

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  26. बहुत सुन्दर मनभावन गीत है ,बधाई .,पुत्री को आशीर्वाद !
    New post बिल पास हो गया
    New postअनुभूति : चाल,चलन,चरित्र

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  27. बहुत ही सुंदर एवं सार्थक गीत बेटियों के होने से ही घर,घर लगता है..। शुभकामनायें

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  28. बहुत ही सुंदर एवं सार्थक गीत बेटियों के होने से ही घर, घर जैसा लगता है ....शुभकामनायें

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  29. सतीश जी
    किसी की भी वन्दना करना उसको इश्वर बनाना होता हैं
    आप की बेटियाँ / बहने { मी included } अगर आप के लिये केवल और केवल इंसान रहे तो हम सब ज्यादा खुश होंगी
    कविता पर कमेन्ट नहीं कर रही

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  30. सुंदर गीत सतीशजी...
    बधाई।।।

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  31. बहुत ही प्यारी रचना है...
    :-)

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  32. बहुत सुन्दर......
    आपकी भावनाओं को नमन....

    सादर
    अनु

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  33. कोमल प्यारी नन्ही बिटिया सी कविता

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  34. हृदयस्पर्शी,आशीर्वाद!

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  35. सुबह के उजास जैसा, पवित्र.

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  36. पुत्री की तुलना किसी से नहीं की जा सकती है। दुनिया की अनूपम कृति है।

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  37. बहुत उत्कृष्ट सोच है आपकी, बहुत शुभकामनाएं.

    रामराम.

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  38. बालिकाएं है विपुल धन
    इनसे जीवन सुख-सम्‍पन्‍न

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  39. बिटिया है तो कल है...

    जय हिंद...

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  40. बहुत ही सुन्दर कविता लिखी है.
    हर शब्द में ममता , प्यार और आशीर्वाद झलकता हो जैसे !

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  41. betiyon se hi to ghar sansaar me rounak hai...betiyon ke prati aapke prem ki sundar abhivyakti..

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  42. दोनों कर श्रद्धा से जोड़े, पुत्रि वन्दना करते गीत !
    गौरी गरिमामयी रहेगी, आशीर्वाद भेजते गीत !

    ह्रदय से निकले उदगारों ने दिल खुश कर दिया. काश ऐसी सोच सभी की हो.

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  43. बेटी खुशियाँ घर लाएगी कल लाती थी . आज भी घर को रौशन करती जायेगी .
    बहुत खुबसूरत दिल के करीब ....

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  44. ओस की बूंदों सी होती है बेटियाँ
    दो दो कुलों की लाज को ढ़ोती है बेटियाँ

    सुबह सबेरे उठते इसके
    चहक उठे, मेरा घर बार !
    इसके जाने से ही घर में
    सूना सा लगता संसार !
    जलतरंग सी जहाँ बजेगी,मधुर सुधा बरसाए प्रीत !
    बाबुल का सम्मान बढाए, करें प्रभावित मेरे गीत !

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  45. काश..! सभी पिता ऐसा ही सोचने लगें,,,निश्चय समाज की बहुत सारी बुराइयां स्वत: ही समाप्त हो जाएंगी अथवा कहें कि समाज की सूरत बदल जाएगी.


    उम्दा सोच..बधाई.

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  46. भैया पहली बार आपसे असहमत हूँ ... हम या तो उन्हें एक दम पूज्य बना देते हैं या फिर दासी .... अपने एकदम बराबर कब खड़ा करेंगे हम उनको ?

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    Replies
    1. आप तो कवि हो आनंद...
      इस रचना को उसी भाव से देखो !
      इसका शाब्दिक अर्थ नहीं ...
      शुभकामनायें !

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  47. बड़ा अच्छा लगता हैं जब भी आपको पढता हूँ। एक विश्वास सा आता हैं। लिखते रहिये, हम गुनगुनाते रहेंगे "मेरे गीत"

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    Replies
    1. शुक्रिया राहुल जी ...

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  48. बहुत सुन्दर......

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  49. वाह! बहुत सुन्दर भावों का वर्णन!

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  50. विदुषी पुत्री जिस घर जाए
    खुशिया उस घर आएँगी !

    बिलकुल सच्ची बात लिखी है. सुन्दर वंदना. बहुत अच्छी लगी.

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  51. विदुषी पुत्री जिस घर जाए
    खुशिया उस घर आएँगी !


    ऐसा ही हो !
    मन को छू गयी ये दुआएं !

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  52. सतीश जी,
    भावपूर्ण रचना! पिता अपनी बेटी के प्रति कितना संवेदनशील है इन भावों के दर्शन सम्पूर्ण गीत में हो रहे हैं। सुन्दर रचना के लिए दिल से बधाई!!!

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  53. एक प्यारी बेटी के वात्सल्यमय पिता का ऐसा स्नेह अतुल्य है ।

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  54. आपकी कविताओं ने हमेशा स्त्री को सम्मान दिया है ...

    शुक्रिया ....!!

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  55. जिस घर में बेटी इठलाये हवा वहां पर गाये गीत
    बेटी को आशीष सदा दें आपके प्यारे,'मेरे गीत'

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    Replies
    1. आभारी हूँ आपके आशीर्वाद के लिए !

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  56. बिटिया के प्रति भावों की सार्थक अनुभूति

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  57. वात्सल्य में डूबी एक सुन्दर भाव पूर्ण रचना... इश्वर आपकी पुत्री को सुख, स्वास्थ्य वा दीर्घायु प्रदान करें!

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  58. बहुत सुन्दर सुन्दर वंदना...

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  59. बहुत ही बेहतरीन रचना | एक पिता के भाव मैं भलीभांति महसूस कर सकता हूँ | बिटिया जल्दी ही तंदरुस्त हो जाएगी ईश्वर से यही प्रार्थना करूँगा | आभार

    Tamasha-E-Zindagi
    Tamashaezindagi FB Page

    समय मिले तो मेरे ब्लॉग पर भी आयें और पसंद आए तो प्रतिक्रिया जताएं और फॉलो करें |

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  60. बेटी के लिए आपका प्यार पूरी तरह रचना में दिख रहा है...बिटिया खूब खुश रहे...स्नेहाशीष !!

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  61. जिस घर में पुत्री को इतना इज्जत मिलता,सुख-सम्पत्ति विराजमान रहता है--पुत्री वंदना के इतने सुन्दरशब्द,मधुर भाव --- अतिउत्तम

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  62. लाजवाब प्रस्तुति...

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  63. दिल से निकले शब्द.. दिल तक ही पहुंचते हैं..बहुत सुंदर।
    मैंने भी इस दिन कुछ लिखा..
    http://theparulsworld.blogspot.in/2014/09/blog-post_28.html, आपका स्वागत है।

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एक निवेदन !
आपके दिए गए कमेंट्स बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं, कई बार पोस्ट से बेहतर जागरूक पाठकों के कमेंट्स लगते हैं,प्रतिक्रिया देते समय कृपया ध्यान रखें कि जो आप लिख रहे हैं, उसमें बेहद शक्ति होती है,लोग अपनी अपनी श्रद्धा अनुसार पढेंगे, और तदनुसार आचरण भी कर सकते हैं , अतः आवश्यकता है कि आप नाज़ुक विषयों पर, प्रतिक्रिया देते समय, लेखन को पढ़ अवश्य लें और आपकी प्रतिक्रिया समाज व देश के लिए ईमानदार हो, यही आशा है !


- सतीश सक्सेना

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