Sunday, June 7, 2020

एनसीआर और भूकंप जोन 4 -सतीश सक्सेना

पिछले 45 दिन से लगातार आ रहे भूकंप के झटके , आपको और सावधान रहने की भविष्यवाणी कर रहे हैं !!
कल भूकंप से निपटने की आपातकालीन किट ( पानी की बोतलें, बैटरी सेल, इमरजेंसी पावरफुल टोर्च, वेदर रेडियो, वाकी टाकी, सिग्नलिंग सिस्टम,हथौड़ा या कुल्हाड़ी, पावर बैंक ,ड्राई मिल्क, ड्राई फ्रूट्स , बिस्किट, ओडोमॉस ,हेड प्रोटेक्शन,मास्क और दवाईयाँ ) बनानी शुरू कर दी , एनसीआर बेहद खतरनाक सिस्मिक जोन 4 में आता है !
2020 बेहद खराब साबित होगा हम सबके लिए अगर हम लापरवाही करेंगे !
अफसोस कि मीडिया से सूचना के नाम पर कुछ भी नही मिल रहा है ...
मृत्यु से न डरें बल्कि अगर सामने भी हो तो मुकाबला करें , यक़ीनन आप लंबा जी पाएंगे , इन दिनों व्हाट्सप्प ज्ञानियों और जाहिलों से बचकर रहें, सावधानी ही बचाव है ...
सस्नेह मंगलकामनाएं !!!
https://seismo.gov.in/content/dos-donts

18 comments:

  1. एक दृष्टिकोण ये भी है कि लगातार छोटे छोटे भूकंप आने से जमा हुयी उर्जा धीरे धीरे निस्तारित होती रहती है अचानक बड़ा भूकंप आने से अच्छा है। आप के लिये ये अनुभव नया हो सकता है पर हिमालय के नजदीक या हिमालय में रहने वाले लोग जानते हैं भूकंप लगातार आते रहते हैं हर दस साल में बड़ा और हर सौ साल में बहूत बड़े भूकंप इतिहास में दर्ज हैं। भूकंपों का आना बंद हो जाना हम लोगों के लिये खतरे की घंटी है। वैसे तो प्रकृति है कौन जाने कब क्या हो जाये। खोज करने से परहेज करना भी अच्छा है।

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    1. जानकारी देने के लिए आभार भाई जी ...

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  2. मुँह की बात छीन ली।
    मीडिया और व्हाट्सऐपी ज्ञानी ले बैठे देश को।

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    1. स्वागत रोहितास जी
      अफ़सोस हम लोग तुरंत इस ज्ञान को लेकर, आगे बांटते भी हैं !

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  3. Replies
    1. स्वागत आपका ओंकार भाई

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  4. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल सोमवार (08-06-2020) को 'बिगड़ गया अनुपात' (चर्चा अंक 3726) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    --
    -रवीन्द्र सिंह यादव


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    1. स्वागत एवं आभार रविंद्र जी

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  5. यथार्थ को इंगित करता सार्थक लेखन आदरणीय सर.
    सादर

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    1. स्वागत अनीता जी ...

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  6. सावधानी ही सुरक्षा हे
    बिलकुल सही

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  7. बहुत खूब कहा सतीश जी, जोन-4 में दिल्ली, जम्मू कश्मीर और महाराष्ट्र के इलाके शामिल हैं. वहीं जोन-4 भी वह क्षेत्र होता है, ज्यादा भूकंप और नुकसान की संभावना ज्यादा होती है, दिल्ली के पास सोहना, मथुरा और दिल्ली-मुरादाबाद तीन फॉल्ट लाइन मौजूद हैं, जिसके चलते भूकंप की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.फ‍िर भी सावधान हने की आवश्यकता तो है ही । धन्यवाद

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    1. ओह आभार आपका स्वागत के साथ

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  8. अच्छी जानकारी मिली लेख से भी और पाठकों के विमर्श से भी | आशा करें सब अच्छा ही हो |सादर

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  9. जब सर पर आती है तभी पता चलता है कि अपने पर जब आती है तब सारा ज्ञान धरा रह जाता है

    बहुत अच्छी खरी खरी

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    1. सच कहा आपने ...स्वागत कविता जी

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एक निवेदन !
आपके दिए गए कमेंट्स बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं, कई बार पोस्ट से बेहतर जागरूक पाठकों के कमेंट्स लगते हैं,प्रतिक्रिया देते समय कृपया ध्यान रखें कि जो आप लिख रहे हैं, उसमें बेहद शक्ति होती है,लोग अपनी अपनी श्रद्धा अनुसार पढेंगे, और तदनुसार आचरण भी कर सकते हैं , अतः आवश्यकता है कि आप नाज़ुक विषयों पर, प्रतिक्रिया देते समय, लेखन को पढ़ अवश्य लें और आपकी प्रतिक्रिया समाज व देश के लिए ईमानदार हो, यही आशा है !


- सतीश सक्सेना

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