Saturday, June 28, 2014

कौन जाने यह विधाता कौन है ? - सतीश सक्सेना

ऐसी दुनियां को बनाता कौन है ?
कौन जाने,यह विधाता कौन है ?

इस बुढ़ापे में, नज़र क़ाफ़िर हुई,
वरना ऐसे , गुनगुनाता कौन है ?

इश्क़ की पहचान होनी चाहिए
बे वजह यूँ, मुस्कराता कौन है ?

आपको तो, काफिरों से इश्क है !
वर्ना इनको मुंह लगाता कौन है ?

चलके वृन्दावन में ही पहचान हो 
काफिरों को घर बुलाता कौन है ?

8 comments:

  1. है भी पक्का है ना कोई है
    और बुढ़ापा अभी कहाँ
    अभी तो आपके खेलने
    कूदने के दिन है
    लिखते रहिये
    इसी तरह बहुत सुंदर
    सुंदर गजलें :)

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  2. खूबसूरत ग़ज़ल...हर शेर असरदार...

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  3. खूबसूरत ग़ज़ल...

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  4. बढ़िया रचना व लेखन , आदरणीय धन्यवाद !
    ब्लॉग जगत में एक नए पोस्ट्स न्यूज़ ब्लॉग की शुरुवात हुई है , जिसमें आज आपकी ये पोस्ट चुनी गई है आपकी इस रचना का लिंक I.A.S.I.H पोस्ट्स न्यूज़ पर है , कृपया पधारें धन्यवाद !
    Information and solutions in Hindi ( हिंदी में समस्त प्रकार की जानकारियाँ )

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  5. Beautiful. This is only the inspiration which leads to such questions. Regards.

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  6. आपको तो, काफिरों से इश्क है !
    वर्ना इनको मुंह लगाता कौन है ?

    चाँद की दरियादिली तो देखिये
    रात से भी प्यार करता कौन है ?
    एकदम बढ़िया

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  7. gahre bhav ke sath sundar rachna....

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एक निवेदन !
आपके दिए गए कमेंट्स बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं, कई बार पोस्ट से बेहतर जागरूक पाठकों के कमेंट्स लगते हैं,प्रतिक्रिया देते समय कृपया ध्यान रखें कि जो आप लिख रहे हैं, उसमें बेहद शक्ति होती है,लोग अपनी अपनी श्रद्धा अनुसार पढेंगे, और तदनुसार आचरण भी कर सकते हैं , अतः आवश्यकता है कि आप नाज़ुक विषयों पर, प्रतिक्रिया देते समय, लेखन को पढ़ अवश्य लें और आपकी प्रतिक्रिया समाज व देश के लिए ईमानदार हो, यही आशा है !


- सतीश सक्सेना

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