आज अनुप्रिया और उसके अजन्में बच्चे ध्रुव की तेरहवीं है , आज से इस बच्ची को भूलना शुरू करेंगे ....
हम आज से बच्चे तुझे बस दिल में रखेंगे
तेरी याद कुछ ऐसी हैं , भुलाई नहीं जाती !
जब भी कहीं जाएँगे , तुझे ले के जाएँगे !
वह मृदुल सी मुस्कान, भुलाई नहीं जाती !
दुनिया नहीं जाती, किसी के साथ, है पता !
पर याद इस मासूम की, दिल से नहीं जातीं!
वादे तमाम कर चुके कि, अब न रोयेंगे !
पर आँख है , आंसू से जुदा हो नहीं पाती !
कोशिश करेंगे, अनुप्रिया, अब याद ना आये
छलके हुए आंसू की नज़र, छुप नहीं पाती !
अब लात नहीं मारना, बच्चे उसे कभी ,
तुझको सम्भालते हुए, वह उठ नहीं पाती !
जैसे भी हो सके , उसे अब खुद सम्हालना !
अम्मा बगैर, अन्नू कहीं जा नहीं पाती !
तू क्या खिलायेगा उसे, हमको नहीं पता !
तेरी माँ बहुत सीधी है, कभी कह नहीं पाती!
हम आज से बच्चे तुझे बस दिल में रखेंगे तेरी याद कुछ ऐसी हैं , भुलाई नहीं जाती !
जब भी कहीं जाएँगे , तुझे ले के जाएँगे !
वह मृदुल सी मुस्कान, भुलाई नहीं जाती !
दुनिया नहीं जाती, किसी के साथ, है पता !
पर याद इस मासूम की, दिल से नहीं जातीं!
वादे तमाम कर चुके कि, अब न रोयेंगे !
पर आँख है , आंसू से जुदा हो नहीं पाती !
कोशिश करेंगे, अनुप्रिया, अब याद ना आये
छलके हुए आंसू की नज़र, छुप नहीं पाती !
अब लात नहीं मारना, बच्चे उसे कभी ,
तुझको सम्भालते हुए, वह उठ नहीं पाती !
जैसे भी हो सके , उसे अब खुद सम्हालना !
अम्मा बगैर, अन्नू कहीं जा नहीं पाती !
तू क्या खिलायेगा उसे, हमको नहीं पता !
तेरी माँ बहुत सीधी है, कभी कह नहीं पाती!





















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