Monday, February 8, 2010

दिल्ली ब्लागर मिलन में फोटोग्राफर श्री एम् वर्मा एवं डॉ टी एस दराल ! - सतीश सक्सेना

हंसते चेहरे वाले संजू राजीव तनेजा  माहौल को लगातार खुशगवार बनाये रहे , खुशदीप सहगल का एक  प्रयोग, पोस्ट टाइटिल के साथ अपना नाम लिखना बहुत पसंद आया और धन्यवाद के साथ अपना रहा हूँ !    
पूरी व्यवस्था के दौरान फोटोग्राफी का दायित्व संभाले रहे डॉ टी एस दराल एवं बाद में शामिल होने वाले जज्वाती एम् वर्मा जी तथा युगक्रांति  वाले यशवंत मेहता !! अगर यह महानुभाव अपना कैमरा न लाते तो शायद सबको भली भांति जानने का मौका इतनी आसानी से न मिलता ! पंडित डी के शर्मा "वत्स" अधिकतर शांत स्वभाव  से वक्ताओं को सुनने में ही मग्न रहे !   
"अपनी भाषा संयत हो" पर बोलने बालों में से मेरा ध्यान पद्म सिंह ने सिर्फ एक वाक्य बोल कर ही आकर्षित कर लिया कि इसमें नवजवानों से अधिक भागीदारी बड़ी उम्र के ब्लागर की भी है ! संयत भाषा का उपयोग दोनों ही उम्र के लोग करें तभी शोभा देता है ! स्पष्टवादिता और आत्मविश्वास से भरे इस युवक की ऑंखें बहुत कुछ कहती हैं ...  और नवजवानों में भावुक मिथिलेश दुबे  नीशू  और मुसाफिर से लगने वाले नवजवान नीरज जाट  एवं श्री बी पी सिंह बिना अधिक बोले भी प्रसंशा हासिल करने में कामयाब रहे !


सबसे शांत स्वभाव में बैठे सुनते रहे राज भाटिया सबको , मैंने काफी पहले राज के बारे में कुछ लिखा था ! प्रवासी जीवन जीते हुए भारतीयों का दर्द और अपनी मिटटी से अलग होने का गम कभी महसूस करना हो तो राज भाटिया को पढ़ें . पराया देश में बैठे राज, अपने पुराने संस्कारों को ढूँढ़ते रहते हैं ! प्रवासियों में राज का ब्लाग पराया देश  अपने आप में अनूठा है  !   


अंत में चलते चलते अजय कुमार झा के बारे में , सिर्फ एक बार फ़ोन पर बातचीत करने से ही महसूस हुआ कि एक अच्छे इंसान से मुलाकात होगी ! और यह इंसान वैसा ही मिला ! अजय गहरी सोच समझ, प्रतिभाशाली और हिन्दी ब्लाग जगत को बहुत आगे ले जाने का माद्दा रखने वाले ,जीवट के ब्लागर हैं ! मेरी हार्दिक शुभकामनायें !  

13 comments:

  1. सुन्दर, सार्थक और विश्लेषणातमक रिपोर्ट

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  2. हर ब्लागर के भीतर एक अच्छा इंसान है। बस उसे विस्तार पाना शेष है।

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  3. ब्लागर्स के बारे आपने इस पोस्ट द्वारा बढिया जानकारी दी है. आपने एक तरह से संक्षिप्त परिचय ही करा दिया है. बहुत आभार.

    रामराम.

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  4. bhaai ji chatke ghade se ris ris kar nikalte paani ki tarah post nikaal rahe hain aap meeting kee... aise to pyas aur badhegi ji.. :)

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  5. इंसान ही ब्‍लॉगर बनता है
    इंसान ही बना रहे सदा
    सबको अच्‍छा लगता है।

    ब्‍लॉग है तो क्‍या लिखेगा
    अला बला फला गल्‍लां
    सबके मन में खलता है।

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  6. नीरज जाट जी भी पहूँच ही गये..ये तो पैदल भी आ सकते हैं, रियाजी है ही. :)

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  7. सतीश जी , आपने तीन भागों में ब्लोगर मिलन का विस्तार से जो वर्णन किया है , वह किसी को भी लालायित कर सकता है। बहुत सुलझे हुए अंदाज़ में आपकी रिपोर्ट पढ़कर अच्छा लगा।
    इस तरह का प्रयास ब्लॉग जगत के लिए एक अच्छा उदाहरण बनता है।
    आप सब लोगों से मिलकर बहुत अच्छा लगा, विभिन्न क्षेत्र के लोगों से।
    वर्ना समय की तंगी तो रहती ही है।

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  8. iski soochna mujh tak nahin pahunch paayi, khed hai!!
    achcha laga .

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  9. समीर जी,
    पैदल ही तो गया था मैं, तभी तो दो बजे पहुँचा
    पहुँचा और थोडी देर बाद ही, गुड बाय

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  10. बहुत से लोगों को आप लोगो के जरिये ही जान पा रहा हूं,लेकिन इस तरह की मुलाकाते इस आभासी दुनिया के लोगो के असली दुनिया के रिश्तों से ज्यादा मज़बूत डोर मे बांधने मे कामयाब होगी।अजय झा इस प्रयास के लिये बहुत बहुत बधाई के पात्र हैं।

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  11. नमस्कार सतीश जी बहुत अच्छी मुलाक़ात रही थी उस पर आप की रिपोर्ट ने कमाल ही कर दिया ,, वैसे तो मुझे उस मिलन में सभी से मिल कर बहुत ख़ुशी हुयी मगर कुछ लोग जो मेरे ह्रदय में उतर गए उनमे आप प्रमुख है
    सादर
    प्रवीण पथिक
    9971969084

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  12. सुंदर चित्र के साथ आपकी रिपोर्ट लाजवाब रही .... सार्थक प्रयास हो रहे हैं इस दिशा में ... ये जान कर अच्छा लगा ...

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एक निवेदन !
आपके दिए गए कमेंट्स बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं, कई बार पोस्ट से बेहतर जागरूक पाठकों के कमेंट्स लगते हैं,प्रतिक्रिया देते समय कृपया ध्यान रखें कि जो आप लिख रहे हैं, उसमें बेहद शक्ति होती है,लोग अपनी अपनी श्रद्धा अनुसार पढेंगे, और तदनुसार आचरण भी कर सकते हैं , अतः आवश्यकता है कि आप नाज़ुक विषयों पर, प्रतिक्रिया देते समय, लेखन को पढ़ अवश्य लें और आपकी प्रतिक्रिया समाज व देश के लिए ईमानदार हो, यही आशा है !


- सतीश सक्सेना

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