Monday, April 28, 2014

जाते जाते रुला गया है कोई - सतीश सक्सेना

our dear Goofy (31 Dec 2006 -27april 2014)
अपना घर त्याग,वो गया है कहीं ! 
थक के लगता है सो गया है कहीं !

बड़ी हिम्मत से , लड़ रहा था वह !
अपनी चौखट से,खो गया है कहीँ ! 

बड़े मज़बूत दिल का,  बच्चा था !
लड़ते लड़ते ही , तो गया है कहीं !

जाने किस कष्ट से, भिडा इकला !
मर के भी  प्यार,बो गया है कहीँ !

किसने छीना है,उसका घर यारोँ 
आज विश्वास , रो गया है  कहीं ! 

35 comments:

  1. आपकी लिखी रचना मंगलवार 29 अप्रेल 2014 को लिंक की जाएगी...............
    http://nayi-purani-halchal.blogspot.in आप भी आइएगा ....धन्यवाद!

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  2. अति भावुक प्रस्तुति.
    शब्द और चित्र बहुत कुछ कह रहें हैं.

    आभार.

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  3. मार्मिक रचना..

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  4. यह दुखद समाचार सुबह फेसबूक पर पढा था !
    घर के सदस्य जैसा लेकिन सबसे वफादार प्राणी के जाने का दुख वही जानते है जिनके पास उनके पालतू प्राणि है, मै महसूस कर रही हूँ आपकी वेदना सतीश जी, गुफी के लिये यह मार्मिक रचना श्रद्धांजलि स्वरूप लगी मुझे !

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  5. भावुक श्रद्धांजलि....

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  6. ये तो बहुत ही दुःख कि बात है ...
    जिसे घर का सदस्य समझ कर पालो उसके खो जाने का दुःख तो होता ही है ...
    मार्मिक शब्दों में लिखे भाव ...

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  7. :-(
    बहुत दुखद है यूँ किसी का जाना....मगर जाते तो सभी हैं !!
    धैर्य रखें
    सादर
    अनु

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  8. बहुत बढ़िया , गुफी भाई को श्रद्धांजलि , बहुत ही भावुक रचना , सतीश भाई शेयर करने के लिए धन्यवाद !
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  9. मैं तो मिला भी था इससे.. मैंने भी अपने घर में देखा है. बहुत तकलीफ होती है!!

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  10. थक के लगता है सो गया है कहीं :(

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  11. आपकी इस रचना ने तो हमे भी रुला दिया ......संभालिए अपने आप को ...

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  12. आपकी इस रचना ने तो हमे भी रुला दिया ....संभालिए अपने आप को ...

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  13. ये बेजुबान भी दिल मे उतर जाते हैं और ज़िंदगी मे शामिल हो जाते हैं !

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  14. खुश रहना मेरे यार
    अमर रहे तेरा प्यार
    मैं समझ सकता हूँ
    'ग़ूफ़ी' तेरे जाने का दर्द
    मेरे पास से भी तू गया था
    इसी तरह एक नहीं
    कई कई बार
    अमर रहे तेरा प्यार ।
    श्रद्धांजलि ।

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  15. माफी चाहता हूँ एक और की याद आ गई इसलिये लिंक दे रहा हूँ
    http://ulooktimes.blogspot.in/2012/02/2008-08-02-2012.html

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  16. बहुत सुन्दर भावपूर्ण रचना

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  17. यह तो अपने होतें हैं जाने का दुख तो बहुत रहता है। आशा है कि आप दुख से उबर पाये
    होंगे।

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  18. वो अपना ही हिस्सा था,
    हममें ही मिल गया है कहीं:-(

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  19. RIP Goofy ... :(

    अभी साल भर भी नहीं हुआ है मैं खुद अपनी Buddy को खो चुका हूँ ... इस दर्द को बखूबी समझता हूँ ... आप खुद को संभालिएगा ... बाकी सब को भी |

    गूफ़ी की यादों को आपने बेहद उम्दा अंदाज़ मे सहेजा है ... आप के इस प्रेम के प्रतीक को मैंने भी आज की बुलेटिन मे शामिल किया है ताकि आप के साथ साथ हम भी अपने इस साथी को अलविदा कह सकें |


    ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन दुनिया गोल है - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  20. मार्मिक...आपके दुःख को समझ सकते हैं.....

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  21. ...जान कर अफसोस हुआ

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  22. सह- अनुभूति हो रही है । अभी-अभी मैं भी बिल्कुल ऐसी ही स्थिति से गुज़री हूँ ।" शेरनी " की याद आती है तो आज भी फूट-फूट कर रोती हूँ ।

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  23. मर्म स्पर्शी दुखद घडी में धैर्य की परीक्षा होती है ।

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  24. Sad .

    Any plans to get Goofy Jr. ?

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  25. किसने छीना है,उसका घर यारोँ
    आज विश्वास , रो गया है कहीं
    ..भावुक कर गयी आपकी रचना ..
    जानकार दुःख हुआ!

    ये बेजुबान प्राणी कब हमारे घर में आकर दिल में घर कर जाते हैं पता तब चलता है जब दूर चले जाते है ..

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  26. बड़े मज़बूत दिल का, बच्चा था !
    लड़ते लड़ते ही , तो गया है कहीं !


    बहुत दुखद !

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  27. oh! बहुत मार्मिक ..

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  28. आपके दुःख को समझ सकते हैं.....

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  29. बहुत मार्मिक ..दुखद !

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  30. Janey WO kon sa desh jaha tum chaley gaye....

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एक निवेदन !
आपके दिए गए कमेंट्स बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं, कई बार पोस्ट से बेहतर जागरूक पाठकों के कमेंट्स लगते हैं,प्रतिक्रिया देते समय कृपया ध्यान रखें कि जो आप लिख रहे हैं, उसमें बेहद शक्ति होती है,लोग अपनी अपनी श्रद्धा अनुसार पढेंगे, और तदनुसार आचरण भी कर सकते हैं , अतः आवश्यकता है कि आप नाज़ुक विषयों पर, प्रतिक्रिया देते समय, लेखन को पढ़ अवश्य लें और आपकी प्रतिक्रिया समाज व देश के लिए ईमानदार हो, यही आशा है !


- सतीश सक्सेना

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