Tuesday, July 5, 2022

मोटापा एक अनचाही समस्या -सतीश सक्सेना

साठ के बाद अधिकतर लोग खुद को वृद्ध मानना और तदनुसार व्यवहार करना शुरू कर देते हैं जिसका परिणाम उनके शरीर पर तत्काल दिखना शुरू कर देता है ! आसपास के लोग उनसे अधिक गंभीरता और संजीदगी को उम्मीद करते हैं , उनके कपड़ों, रहन

सहन एवं भोजन में बदलाव आ जाता है ! अब इस उम्र में क्या ? का दयनीय भाव लिए ये लोग धीरे धीरे आने वाले समय में , अपनी संभावित मृत्यु की और अग्रसर होते हैं और शरीर भी इस दयनीय दशा को स्वीकार करते हुए तेजी से अपना कसाव भूलकर थुलथुल होना शुरू कर देता है !

मेरे रिटायर होने के बाद , पिछले आठ साल में मैंने खुद अपने बेहतरीन मित्रों को असमय मौत के मुँह में जाते देखा है , डायबिटीज, मोटापा और उसके कारण हृदय आघात उसका बड़ा कारण थे ! मैंने साठ वर्ष के बाद कोई और कार्य न करके, अपने कायाकल्प का संकल्प लिया था और धीरे धीरे खुद को रनिंग (हाई इम्पैक्ट एक्सरसाइज ) सिखाना शुरू किया जिसमें सफल रहा और शरीर में अत्यधिक बदलाव महसूस किया और वजन तो घटना ही था ! सुबह सुबह एक घंटे का तेज वाक अथवा रनिंग , इन्सुलिन के प्रति बॉडी सेंसिटिविटी बढ़ाने में बड़ा रोल अदा करती है ! मेरे तमाम रनर दोस्त डायबिटीज को वर्षों पहले विदा कर चुके हैं !

बढ़ते हुए वजन से सबसे बड़ा खतरा हार्ट आर्टरी में खून के थक्के जमने से हृदय पर पड़ता बोझ है जो अधिक उम्र में घातक होता है , अगर आप सौ कदम तेज चलने से हांफ रहे हैं तब आप खुद को खतरे में मानिये , मेरे अपने विचार से साठ वर्ष में साठ और अस्सी वर्ष में अस्सी प्रतिशत आर्टरी ब्लॉकेज संभव है , यही प्रकृति का तरीका है और इस उम्र के बाद हमें स्वयं को जाने के लिए तैयार कर लेना चाहिए ! साठ वर्ष में किया गया मेडिकल ऑपरेशन आपके जीवन को बढ़ाएगा नहीं बल्कि कुछ नयी समस्याएं ही पैदा करेगा सो बेहतर यही होगा कि अंत तक शरीर को फुर्तीला बनाये रखने का प्रयास किया जाए , इससे न केवल ब्लॉकेज कम होगी बल्कि आप शारीरिक , मानसिक बुढ़ापे से भी मुक्ति पाए रहेंगे !

इन बुरे दिनों, हर किसी की शारीरिक एक्टिविटी घटी है घर में लगातार बंद रहने के कारण, बिना मेहनत किये बढ़िया खाने की मात्रा में बढ़ोतरी, बढ़ते वजन का बड़ा कारण रहा ! मेरी खुद का वजन लाख कोशिशों के बाद भी 2 किलो बढ़ा है , हालाँकि इन दिनों मैं अपने देश में बढे  पॉल्यूशन के कारण कम एक्सरसाइज कर पाया सो खाना भी बेहद कम खाया नतीजा अपने अन्य मित्रों के मुकाबले वजन कम बढ़ा उम्मीद है जर्मनी के स्वच्छ वातावरण में अगले तीन माह अधिक दौडूंगा एवं वजन घटाने में सफल रहूँगा !    

अगर आप मेहनत नहीं कर पा रहे तब खाने पर आपका कोई अधिकार नहीं होना चाहिए , केवल एक समय का भोजन करें , सुबह हल्का नाश्ता एवं डिनर शाम को 4 बजे , रात आठ बजे ग्रीन टी के साथ 4 फीके बिस्कुट काफी होंगे ठाठ से जीने के लिए और यक़ीनन वजन कण्ट्रोल रहेगा ! सुबह स्वच्छ हवा में गहरी साँस भरकर छोड़ने की आदत डालें , एवं जब भूख लगे तभी पानी अवश्य पियें , पूरे दिन में 10-12 गिलास पानी आपकी पुरानी मस्ती वापस लाने में सहायता करेगा , शुगर और मिल्क प्रोडक्ट का त्याग सोने में सुहागा होगा !

अंत में , आखिरी बात नए आधुनिक चुस्त खूबसूरत कपडे पहने बिना इसकी परवाह किये कि लोग क्या कहेंगे  ? अपने बालपन को मत खोने दें उसे वापस लाएं नए मित्र और नए शौक बनाने होंगे और आप इस उम्र में जाग्रत बदलाव देखेंगे !   

प्रणाम आप सबको !
 

5 comments:

  1. मेरी आयु अभी वहाँ तो नहीं पहुँची है सतीश जी लेकिन मुझ जैसे लोगों के निमित्त भी आपका यह निस्संदेह अनमोल है। बहुत-बहुत शुक्रिया इसके लिए।

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  2. बहुत सुन्दर

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  3. नमस्ते,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा शुक्रवार 08 जुलाई 2022 को 'आँगन में रखी कुर्सियाँ अब धूप में तपती हैं' (चर्चा अंक 4484) पर भी होगी। आप भी सादर आमंत्रित है। 12:01 AM के बाद आपकी प्रस्तुति ब्लॉग 'चर्चामंच' पर उपलब्ध होगी।

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  4. बहुत बढ़िया सर

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  5. वाह! बहुत बढ़िया सर।
    कि लोग क्या कहेंगे ? गज़ब 👌

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एक निवेदन !
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- सतीश सक्सेना

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