राजनीति में वोट बनानें,गाय की महिमा गानी है !
अम्मा खाय पडोसी के घर,गौ माता अपनानी है !
गृह समाज बच्चे बूढों में,कौन समय बरबाद करे !
अपने नेता के गुण गाने ,अपनी कलम उठानी है !
अपने अपने रिश्ते सबके, अपनी नज़रें बदली हैं
पापा की वे ससुरी लगती,अपनी प्यारी नानीं हैं !
सुख,दुःख सिक्के के पहलू हैं,दोनों संग निभाएंगे
जीयें भोगेंगे तब तक ही,जब तक दाना पानी है !
धर्म के झंडे लिए घूमते, झाग निकलते ओंठों से,
साधू सबक सिखाने निकले, यही बड़ी हैरानी है !
गृह समाज बच्चे बूढों में,कौन समय बरबाद करे !
अपने नेता के गुण गाने ,अपनी कलम उठानी है !
अपने अपने रिश्ते सबके, अपनी नज़रें बदली हैं
पापा की वे ससुरी लगती,अपनी प्यारी नानीं हैं !
सुख,दुःख सिक्के के पहलू हैं,दोनों संग निभाएंगे
जीयें भोगेंगे तब तक ही,जब तक दाना पानी है !
धर्म के झंडे लिए घूमते, झाग निकलते ओंठों से,
साधू सबक सिखाने निकले, यही बड़ी हैरानी है !













