Wednesday, April 13, 2022
विवाह गीत -सतीश सक्सेना
Saturday, February 26, 2022
बंदरों के हाथ में , परमाणु बम है -सतीश सक्सेना
1991 में, यू एस एस आर का विघटन एक ऐतिहासिक घटना थी जिसने इस विशाल विश्व शक्ति को 15 देशों में विभाजित कर दिया , अर्मेनिया , अजरबैजान , बेलारूस , ऐस्टोनिआ , जॉर्जिया , कज़ाख़िस्तान करिगिस्तान ,लैटविआ , लिथुआनिया ,माल्दोवा, रूस ,तज़ाकिस्तान , तुर्कमिनिस्तान , उक्रैन और उज़्बेकिस्तान और इस घटना की जिम्मेवारी तत्कालीन राष्ट्रपति गोर्वाचेव की बनायी
नीतियां रहीं जिनके द्वारा उन्होंने इस महान कम्युनिस्ट शासन के हर राज्य को लोकतान्त्रिक तरीके से अपना निर्णय खुद लेने की आज़ादी दी गयी थी और जिसके फलस्वरूप यह विशाल संयुक्त देश 15 देशो में बंट गया जिसमें सबसे बड़ा राज्य रूस भी शामिल था , लिबरल गोर्बाचेव ने इस्तीफा दिया और समस्त न्यूक्लियर हथियारों के साथ रूस की कमान रूढ़िवादियों के हाथ आ गयी !
और तब से लेकर अब तक इन नव विभाजित देशों में अपनी रक्षा के प्रति संशय भावना जुडी रही , वे रूस और उसकी विचारधारा से बचने के लिए शक्तिशाली नाटो देशो के समूह में शामिल होना चाहते थे और इन देशों में उक्रैन सबसे आगे था और रूस के लिए ऐसा होने का अर्थ, अपनी सीमाओं को नाटो देशों से मिलाना था जिसे वह अपने लिए सीधा ख़तरा मानता आया है , वह नहीं चाहता कि उसके दरवाजे पर नाटो देश दस्तक दें अपनी नाराजी और रुख उसने उक्रेन को सीधी वार्निंग देते हुए साफ़ कर दिया कि अगर वह नाटो में शामिल होता है तब मुकाबले के लिए तैयार रहे स्वाभाविक है उक्रैन ने इसे नकार दिया और नाटो देशों ने उक्रैन का साथ भी दिया !
इन दिनों रूस ने उक्रैन पर सैनिक आक्रमण कर दिया है और शायद किसी भी समय उक्रैन आत्मसमर्पण करने को मजबूर होगा वह अपने से सैकड़ों गुना शक्तिशाली रूस के आगे कुछ दिन भी टिक पायेगा इसमें शक है !
मगर इसी परिप्रेक्ष्य में रूस और नाटो की तरफ से जो वक्तव्य दिए जा रहे हैं वे विश्व के समझदार हिस्से के लिए चिंतित करने के लिए काफी है ! नाटो का कहना है कि किसी देश की सम्प्रभुता की रक्षा होनी चाहिए जिसमें उसे अपनी रक्षा हेतु समझौते अपनी इच्छानुसार करने की स्वतंत्रता है इसका आदर होना चाहिए ! मगर रूस ने उक्रैन की तरह ही फ़िनलैंड और स्वीडन को भी राजनैतिक एवं सैनिक परिणाम भुगतने को तैयार रहने के लिए वार्निंग दी है कि वे नाटो में शामिल होने की न सोचें और रूस अपने विचारों में इतना दृढप्रतिज्ञ है कि उसने अमेरिका और नाटो जॉइंट कमांड की सभी चेतावनियों पर कोई ध्यान भी नहीं दिया ! दूसरी तरफ स्वीडन और फ़िनलैंड के इरादे नाटो में बिना शामिल हुए उसकी सुरक्षापंक्ति में शामिल होने के विकल्प तलाशना है जिसे रूस स्वीकार नहीं करता !
यूनाइटेड नेशंस एक ऐसा बौना दफ्तर है जिसे पता है कि हमारे हाथ में कुछ नहीं है , जिसके बाबुओं ने हमारे देश से सीख लिया है कि आठ घंटे की ड्यूटी करनी है जिसमें लंच ऑवर एक घंटे पहले और एक घंटे बाद तक होना है ! दफ्तर आते समय और जाते समय की चाय और पकौड़ी आवश्यक पहले से ही हैं ! बिना किसी झंझट के मोटी तनख्वाह जेब में डालो और चलो भइया घरै !
वीटो पावर के आगे सुरक्षा परिषद मात्र अपील कर पाने की क्षमता रखती है यह सिर्फ उस देश को बचा पाती है जब समस्त वीटो पावर देश एकमत हों अन्यथा उसका कोई अर्थ नहीं !
रूस ने समुद्र में न्यूक्लियर एक्सरसाइज शुरू कर दी है जिसमें हाइपरसोनिक एवं क्रूज़ मिसाइल का उपयोग शामिल है ! इस प्रकार की हर एक मिसाइल एक या अधिक न्यूक्लियर वारहेड से युक्त हो सकती हैं तथा इनके चलने के साथ, इन्हें रोकने का कोई विकल्प विश्व में किसी के पास नहीं है , क्योंकि इन्हें रोकने के लिए दागी गयी एंटी मिसाइल भी इन्हें एक एटॉमिक बम में ही तब्दील करेगी !
इस मध्य विश्व का ध्यान नार्थ कोरिया , चीन , और पाकिस्तान की और है कि यह किसका पक्ष लेंगे ! हमारे देश पर दोनों की निगाह रहेगी कि हम अपनी स्थिति स्पष्ट करें जो बेहद संवेदनशील है ! पूरे विश्व की नज़रें इस समय चीन भारत इज़रायल ईरान नार्थ कोरिया और पाकिस्तान पर टिकी हैं , फिलहाल चीन और भारत ने सुरक्षापरिषद की वोटिंग से अनुपस्थिति रहना ही पसंद किया है और अपना निरपेक्ष रहना ही उचित माना है !
Friday, February 4, 2022
67 वर्ष में मेरे कायाकल्प हेतु सफल जीवन मंत्र -सतीश सक्सेना
-हाथ पैरों को क्रियाशील बनाये रखना, गौर करें कि यह हिलाने के लिए ही बनाये गए हैं ताकि शारीरिक मशीन बेहतरीन काम करते हुए सौ वर्ष तक आराम से चले ! प्रयोग के लिए केवल तीन दिन तक मुट्ठी रूमाल से बाँध कर रखें और फिर खोल दें आपको अपनी उँगलियों के जोड़ खोलने के लिए एक महीने तक उनकी एक्सरसाइज करनी पड़ेगी !
-और सबसे कम प्राथमिकता भोजन को दें, दिन में लगभग 12 बजे सिर्फ उतना घर का बना साधारण भोजन खाएं जितना पूरे दिन में श्रम किया हो अगर दिन में कुछ काम न किया हो तो उस दिन भोजन का निर्ममता से त्याग करें ! केवल मेहनत कश लोगों के शरीर को शाम के भोजन की आवश्यकता होती है !
Tuesday, January 11, 2022
वजन घटाने का सफल संकल्प कैसे किया करें -सतीश सक्सेना
| 2014 से पहले |
| 2012 में |
| before retirement |
| और कायाकल्प के बाद 2019 |
नहीं होती ! अगर हमने अपने बारे में लिया गया कोई संकल्प समाज में जोरदार तरीके से घोषित किया होता तब उसे भुलाने से पहले कई बार सोचना पड़ता सो इस संकल्प की घोषणा समाज में खुद के प्रति निर्मम होकर करें , कहें कि आपका वजन इस उम्र में ९० किलो है और इसे 65 किलो लाने के लिए आप आज से कसम खा कर संकल्प लेते /लेती हैं कि अगले दिनों में आप अपने आलसी शरीर पर यह अत्याचार करेंगे / करेंगी जिससे वह अपनी काहिली भुला सके ! शान से बिना शर्मिन्दा हुए अपनी मूर्खता और संकल्प की घोषणा करें, इसके बाद या तो सारी कलई उतर जायेगी या आपको उसे लगातार बचाने का प्रयत्न करते हुए वजन घटाना आ जाएगा जैसा मैंने खुद अपने साथ किया था !
| 2020 |
थुलथुल शरीर से मुक्ति चाहिए तो सोच बदलनी होगी -सतीश सक्सेना
- केवल पांच चीजों का ध्यान रखें गहरी साँस लेकर शुद्ध हवा अंदर खींचना शुरू करें, पूरे फेफड़े खोलने का अभ्यास करें महसूस करें कि यह सामान्य सांस नहीं बल्कि प्राणवायु है जो समूचे रक्तप्रवाह को स्वच्छ करती है हृदय की थकान को दूर करते हुए , बेहतर गतिशील बनाती है !
- दिन भर में 4 लीटर स्वच्छ पानी , खासतौर पर भूख लगने पर पहले पानी ही पियें ! RO ( रिवर्स ओस्मोसिस ) जल से आवश्यक मिनरल्स निकाल देता है यह हानिकारक है ! कोशिश प्राकृतिक शुद्ध पानी लेने की रहे !
- टॉनिक ,विटामिन , प्रोटीन भूलकर कोई भी सामान्य भोजन करें कोशिश रहे कि भोजन परिश्रम करने के बाद ही खाएं और मेहनत के अनुसार ही खाएं अगर पूरे दिन कुछ नहीं किया है तब भोजन न करें अथवा न्यूनतम करें !
- कम से कम आधा दिन हाथ पैरों का उतनी मेहनत के साथ चलना आवश्यक है जिससे पसीना बहना शुरू हो जाए अगर आप मेहनतकश नहीं हैं तब वाक करना आरम्भ करें इसमें गति, दूरी , समय आदि में बदलाव लाते रहें ! लगातार एकसार किया गया वाक बेकार हो जाता है क्योंकि शरीर इसे स्वीकार कर अपने नियम में ढाल लेता है ! सो इसमें परिवर्तन करें साथ ही यह अकेले करना चाहिए मनन करते हुए शरीर से बात करते हुए न कि दोस्तों के साथ गप्पे मारते हुए !
- भरपूर नींद लें , नींद न आने का कारण आप खुद और आपके लगातार घुमड़ते विचार होते हैं , अपने मन से चालाकी, क्रोध और समझदारी का त्याग करें बच्चों जैसा निर्मल मन लेकर सोने जाएँ एक दिन तकिये पर सर रखते ही नींद आएगी !
Monday, January 10, 2022
तुम्हें जानेमन अब बदलना तो होगा -सतीश सक्सेना
आज बहुत दिन बाद 10 Km की दौड़ लगाईं , मगर इसकी विशेषता यह थी कि यह रनिंग 0 डिग्री टेम्प्रेचर में आसमान से होती, स्नो शावर के दौरान, जर्मनी की एक खूबसूरत झील के किनारे किनारे लगाईं गयी ! 67 वर्ष की उम्र में यह काम मेरे जैसे आलसी के लिए एक अजूबा ही था , मगर हो गया आसानी से !
कोई नहीं मगर वे सब अपने सामान्य वर्ष ही जी पाए , कितने ही सिरफिरों के उदाहरण हैं जिन्होंने मृत्यु से बचने और अधिक उम्र पाने के लिए करोड़ों रूपये खर्च किये मगर वे कम उम्र में ही दुनिया छोड़ गए !
इसकी आवश्यक खुराक शुद्ध हवा , भरपूर स्वच्छ पानी , मामूली भोजन , थकान के बाद की भरपूर नींद एवं पैरों का भरपूर उपयोग करें आप पूरे जीवन वृद्धावस्था से बचे रहेंगे !
सादर प्रणाम आप सबको !
तुम्हें जानेमन अब बदलना तो होगा !
उठो त्याग आलस , झुकाओ न नजरें
भले मन ही मन,पर सुधरना तो होगा !
स्वयं स्वस्त्ययन काल रचना तो होगा !
सनम दौड़ में,गिर संभलना तो होगा !
Monday, November 1, 2021
परीक्षा मानव शक्ति की -सतीश सक्सेना
मेहनत और अपने ऊपर विश्वास का जिसके कारण यह एग्जाम पास किया इसमें आप सब मित्रों का प्रोत्साहन और साथ शामिल था , उसके लिए आप सबको प्रणाम !
Saturday, September 25, 2021
पता नहीं क्यों खाते पीते, ज्ञान की बातें, होती हैं -सतीश सक्सेना
ग्रामर लेकर , बैठा हूँ !
जैसे तैसे रसगुल्लों से ,
ध्यान हटाए , बैठा हूँ !
मगर ध्यान में बार बार,
ही आतिशबाजी होती है !
अलजब्रा के ही खिलाफ
क्यों नारे बाजी होती है !
नाना,पापा की बातें सुन ,
इतने बढ़िया मौसम में,एक्जाम की बातें,होती हैं !
समझ नहीं आते बच्चों के
कष्ट , समस्याएं भारी !
पढ़ते, अक्षर नजर न आएं
दिखे किचन की अलमारी !
खाने पीने के मौसम मे,
दुःख की बातें, होती हैं !
पर बच्चों की क्लासों में !
चॉकलेट लडडू फ्री होंगे
आने वाले , सालों में !
कठिन गणित का प्रश्न क्लास
में, मैडम जब समझाती हैं !
उसी समय क्यों याद हमारे,
मीठी बातें , आती हैं !
सारे अक्षर गड्मड होते , खाली आंतें रोती हैं !
हाथ में बल्ला लेकर जब मैं
याद सचिन को करता हूँ,
ध्यान लगा के उस हीरो का
सीधा छक्का जड़ता हूँ !
मगर हमेशा अगले पल
ये खुशियां भी खो जाती हैं !
पता नहीं , जब ध्यान
हमारे कृष्णा मैडम आतीं हैं !
ऐसे मस्ती के मौके, क्यों
Tuesday, August 31, 2021
कौन मनाये जन्माष्टमी, कृष्ण कन्हैया चला गया -सतीश सक्सेना
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| 16 Feb 1968 -25 August 2021 |
Saturday, July 17, 2021
जकड़े घुटने पकड़ के बैठा , ढूंढ रहा उपचार आदमी -सतीश सक्सेना
आज से एक रनिंग प्रोग्राम ज्वाइन किया है जिसमें अगले ३० दिनों में कम से कम 194.7 km दौड़ना या साइकिलिंग करना होगा ! कोच रविंदर सिंह का यह प्रोग्राम बाँध कर रखेगा मुझे एक माह तक लगभग रोज 7 km दौड़ना होगा या साइकिलिंग करना है मगर हर हाल में 195 km पूरे करने होंगे और निस्संदेह 66+ वर्ष के नौजवान के लिए यह बिलकुल मुश्किल नहीं है !
शुभकामनायें !
Wednesday, July 14, 2021
उनसे कहिये, चलने का अंदाज बदल लें -सतीश सक्सेना
झूठी खबरों के सस्ते अखबार बदल लें !
चलते, अहंकार की चाल,नज़र आती है !
उनसे कहिये,चलने का अंदाज बदल लें !
Monday, July 12, 2021
नियंत्रित तूफ़ान लेकर, धीमे धीमे दौड़िये -सतीश सक्सेना
आज सुबह पांच बजे मैं गाडी लेकर DND toll पर पहुँच गया था , बढ़िया मौसम मगर आद्रता 90 प्रतिशत , गाडी एक साइड पार्क कर, रिंग रोड तक जाकर बापस लौटने का (लगभग 8 Km )मन बनाया और थोड़ी स्ट्रेचिंग के बाद , गहरी गहरी साँस लेकर, बेहद सहज मन से दौड़ना शुरू किया ! आज का संकल्प था कि सहज मन से ही दौड़ना है , न दूरी की चिंता और न समय की , खाली सड़क के किनारे किनारे, पेट के बढे हुए एक टायर पर विचारों को केंद्रित करते हुए कि इस सप्ताह इससे मुक्ति पानी ही है, दौड़ते दौड़ते कब यमुना ब्रिज आ गया पता ही नहीं चला , दिल्ली पुलिस पीसीआर के हैडकांस्टेबल द्वारा गुड मॉर्निंग सर का जवाब देते हुए अच्छा लगा ! इस रुट के लगभग सारे ड्यूटी अफसर जानते हैं कि एक 67 वर्ष का रिटायर्ड जवान नोएडा से दिल्ली तक दौड़ता है !
दूरियों को नमन कर के , धीमे धीमे दौड़िये !
Friday, July 9, 2021
मैं धीमी आवाजों को अभिव्यक्ति दिलाने लिखता हूँ -सतीश सक्सेना
एक दोस्त ने , बढे हुए वजन को घटाने के लिए व्हाट्सप्प यूनिवर्सिटी के किसी ग्रेजुएट का बताया फार्मूला भेजा और पूंछा कि क्या इसे दो दिन कर लूँ ? उसे पढ़ने पर पता चला कि उसमें 17 तरीके के किचेन अवयव शामिल थे , जिनको तलाश करने और बनाने में ही वजन दो किलो घट जाएगा और उसका विवरण इतना जबरदस्त था कि पालन करने वाले को यह फार्मूला रामवाण ही लगेगा !
हमारे देश में ज्ञानियों की भरमार है , ज्ञान देने वाले और लेने वाले दोनों एक से हैं , उनकी हर बीमारी खाने से जुड़ी मानी जाती है और उनकी हर समस्या का निदान भी खाने में ही होता है बस शरीर को तकलीफ न देना पड़े और वजन घट जाए इसकी तलाश जीवन भर चलती रहती है ! जैसे तैसे जब वे 45 के होते हैं तब उन्हें लगता है कि शरीर बेडौल होने लगा है और वे इसका इलाज टहलना मानते हैं सो पड़ोस के किसी एक मित्र के साथ पार्क में आधा घंटा, ऑफिस में मारे हुए तीर उस दोस्त को सुनाते हुए, टहलना शुरू करते हैं जो ताउम्र चलता है बिना यह समझने का प्रयत्न किये कि इस क्रिया से एक किलो भी वजन हिला नहीं है ! उम्र बढ़ने के साथ स्वतः शारीरिक क्षरण के साथ बीमारियां बढ़ने लगती हैं जिनका इलाज वे सड़क छाप ज्ञानियों के दिए फार्मूलों से करते हैं ! इन फॉर्मूलों में अदरक , हल्दी , काली मिर्च , लौंग, दालचीनी , निम्बू , हरा धनिया, सेंधा नमक , जीरा , अजवायन , हींग और लहसुन अवश्य होता है जो हम बचपन से खाते रहे हैं !
उपरोक्त फार्मूला में नाटकीयता की भरमार है ताकि गुरु के प्रति आदर भावना और अधिक हो , जबकि सप्ताह में दो दिन अगर रोटी आदि नियमित भोजन बंद कर पहले दिन केवल सब्जियां उबालकर अथवा कच्ची सलाद और दुसरे दिन केवल फलों का सेवन, भरपूर पानी पीते हुए करें तब वजन डेढ़ से ढाई किलो घट जाता है और अगर साथ में रोज ब्रिस्क वाकिंग या रनिंग करें तब यह वजन कभी शरीर पर कब्ज़ा नहीं कर सकता !
आज सुबह दौड़ते हुए मेरे पास से एक नौजवान आगे निकला गया उसके हावभाव से लग रहा है कि वह दौड़ने में नौसिखिया है , नतीजा थोड़ी देर बाद ही वह हांफने लगा और वाक करने लगा ! तब मैंने उसे समझाया कि हांफते हुए दौड़ना जान ले सकता है , हांफने का मतलब तुम्हें सही पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही अतः हृदय पर अधिक दवाब पड़ रहा है ! मेरे साथ दौड़ो और दौड़ते हुए मेरी तरह साँस लो , हर गिरते उठते कदम पर सांस खींचना और छोड़ना शामिल होना चाहिए जिस दिन कदम ताल के साथ सांस लेना और छोड़ना सीख गए उस दिन तुम कितनी ही दूरी दौड़ोगे , थकोगे नहीं !
सो अगर अपने बीमार हृदय, पेन्क्रियास और मोटापे से पीछा छुटाना है तो दौड़ना सीखना शुरू करें ! आप हर उम्र में खुश रहेंगे, स्वस्थ रहेंगे !
Wednesday, April 7, 2021
वारे न्यारे , क्रिप्टो करेंसी से - सतीश सक्सेना
बिट कॉइन , एथेरियम कॉइन या डॉग कॉइन आदि एक स्वतंत्र करेंसी है जिसके ऊपर विश्व के किसी भी देश का प्रभुत्व नहीं है ! यह एक ऐसा सिक्का जिसकी कीमत विश्व बाजार भाव निर्धारित करता है और उसे कोई भी व्यक्ति किसी भी अन्य व्यक्ति को जो उसे मान्यता देता हो , दे सकता है ! अब तक जापान , अमेरिका , फ्रांस ,जर्मनी , कनाडा , नीदरलैंड ,सिंगापुर और रूस और तमाम देश मान्यता दे चुके हैं ! भारत में कई क्रिप्टो एक्सचेंज खुल चुके हैं जिसके जरिये इसकी खरीद फरोख्त की जा सकती है , शीघ्र ही रिज़र्व बैंक भी, अपना क्रिप्टो करेंसी ज़ारी करने पर विचार कर रहा है ! Friday, February 19, 2021
सम्मान से अधिक प्रोत्साहन देना आवश्यक है -सतीश सक्सेना
हिंदी जगत में ब्लॉगिंग का आगमन , हिंदी के नवोदित लेखकों के लिए संजीवनी का काम कर गया , झिझकती लड़खड़ाती शर्मीली सैकड़ों कलमें हिंदी की चाल दिखाने के लिए फ्लोर पर पहली बार जब आयीं थी तो उनमें कितनी ही खड़े होने लायक भी नहीं थीं , मगर पाठक रुपी दर्शकों ने वाह वाह कर उन्हें प्रोत्साहन दिया और कांपते हुए क़दमों को अहसास दिलाया कि वे न केवल चल रही हैं बल्कि बेहतरीन निशान भी छोड़ रही हैं !
यह उनके लिए अविश्वसनीय ही था कि जिन्होंने पूरी जिंदगी कुछ नहीं लिखा उनका लिखना न केवल पढ़ने योग्य है बल्कि तालियों के साथ हिंदी जगत में उन्हें एक सम्मानित पहचान भी मिल रही है , इस विश्वास के साथ ही उनके लेखन में विविधता और पैनापन बढ़ने लगा और कुछ समय पश्चात, उनके बेकार लेख वाकई अपनी जगह बनाने में कामयाब हुए, आज उनमें से कई हिंदी जगत में बेहतरीन लेखक हैं और प्रिंट मीडिया उनके लेख लगातार छापकर उन्हें सम्मानित कर रही है !
हिंदी ब्लॉगिंग से लेखकों के उदय में, मैं समीर लाल ( उड़न तश्तरी ) का बहुत बड़ा योगदान मानता हूँ , 2008 में समीर लाल ही थे जो नियमित तौर पर प्रतिदिन लगभग सौ ब्लॉगरों के ब्लॉग पर जा जाकर वाह वाही कर टिप्पणी करते थे , कई लोग कहते थे कि इतनी टिप्पणियां कोई एक व्यक्ति कर ही नहीं सकता यह असंभव ही था कि एक व्यक्ति इतने ब्लॉगों पर जाकर पढ़े और टिप्पणी करे ! कुछ कहते थे कि उन्होंने कोई सॉफ्टवेयर बनवाया है जो इतनी टिप्पणी रोज करता है और कई उनकी मजाक बनाते थे कि वे किसी ब्लॉग को पढ़ते नहीं है बस खुद के ब्लॉग पर टिप्पणी पाने के लिए वे सबके ब्लॉग पर नियमित टिपियाते हैं ! मगर सच्चाई यही थी कि उनकी टिप्पणी पाने पर एक जोश महसूस होता था कि मैंने कुछ अच्छा लिखा है जो कनाडा से उड़नतश्तरी ने आकर कमेंट दिया है ! हिंदी ब्लॉगिंग को बढ़ाने में समीर लाल का योगदान अमर और सैकड़ों लेखनियों के लिए जीवन दायक रहा , इस योगदान के लिए वे हमेशा वंदनीय रहेंगे !
रनिंग करते समय, स्टेडियम के रनिंग ट्रेक पर या खुली सड़क पर जब कोई भारी वजन का व्यक्ति या महिला दौड़ने का प्रयत्न करते देखता हूँ तब मैं उसकी हिम्मत अफ़ज़ाई अवश्य करता हूँ , शाब्बाश बच्चे तुम अवश्य जीतोगे एक दिन, बस हिम्मत नहीं हारना , दुनियां तुम्हें दौड़ते देख हँस रही है इसकी बिना परवाह किये धीरे धीरे बिना हांफे दौड़ना, सीखते रहो एक दिन तुम्हारा स्लिम शरीर इसी ट्रेक पर तेज गति से भागते हुए दुनिया देखेगी !
अंत में , बढ़ा वजन घटाने के लिए !
-दिन में 12 गिलास पानी कम से कम पीना ही है !
-डिनर ७ -८ बजे तक और बहुत हल्का बिना रोटी चावल के !
कोई भी मीठी चीज नहीं खानी है ! मिल्क प्रोडक्ट कम करें !
-रोज आधा घंटा तेज वाक करें बिना हांफे , और आखिरी दो मिनट बिना हांफते हुए दौड़ कर समाप्त करें ! विश्वास रखें कि वे बहुत जल्द सामान्य पहले जैसे स्मार्ट होंगे ! शरीर आसानी से हर परिस्थिति में अभ्यस्त हो जाने में समर्थ है , रनिंग सिखने के साथ ही शरीर की ढेरों उम्र जनित बीमारियां डायबिटीज , बीपी , कब्ज ,दर्द आदि खुदबखुद गायब हो जायँगी !









